चुनाव आयोग आज करेगा SIR पर प्रेस कॉन्फ्रेंस, देशभर में लागू करने की घोषणा संभावित — अगले हफ्ते से शुरू होगी प्रक्रिया
चुनाव आयोग सोमवार को विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा करेगा। यह प्रक्रिया अगले हफ्ते से 10-15 राज्यों में शुरू होगी। इसका मकसद वोटर लिस्ट अपडेट करना और दोहरे नाम हटाना है। बिहार विवाद के बाद यह पहली व्यापक समीक्षा है।

नई दिल्ली: चुनाव आयोग सोमवार शाम 4:15 बजे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी इस दौरान देशभर में SIR की तारीखों की घोषणा करेंगे। आयोग अगले हफ्ते से यह प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। शुरुआत 10 से 15 राज्यों में होगी, खासकर उन राज्यों में जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं — जैसे असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल।
वोटर लिस्ट अपडेट और दोहराव खत्म करना मुख्य मकसद
SIR का उद्देश्य देशभर में मतदाता सूचियों को अपडेट करना, दोहरे नामों को हटाना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी पंजीकृत मतदाता भारतीय नागरिक हों। लगभग दो दशक बाद इस तरह की व्यापक समीक्षा की जा रही है।
आयोग का ध्यान विशेष रूप से उन राज्यों पर है, जहां अगले साल चुनाव हैं। आंकड़ों के अनुसार, असम में मतदाता संख्या 1.7 करोड़ से बढ़कर 2.6 करोड़, तमिलनाडु में 4.6 करोड़ से 6.3 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 5.8 करोड़ से 7.4 करोड़ हो गई है। शहरीकरण और प्रवासन के चलते मतदाता सूची का पुनरीक्षण आवश्यक माना जा रहा है।
राज्यों के CEO के साथ बैठकों के बाद तय हुई रूपरेखा
आयोग ने SIR की रणनीति तय करने के लिए राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ दो दौर की बैठकें की हैं। जिन राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं, वहां यह प्रक्रिया बाद में शुरू होगी।
बीएलओ को हर मतदाता के घर जाकर प्री–फिल्ड फॉर्म देने का निर्देश दिया गया है। इस प्रक्रिया में 31 दिसंबर तक 18 वर्ष पूरे करने वाले सभी नागरिकों को शामिल किया जाएगा। देशभर में 99.10 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 21 करोड़ को ही जरूरी दस्तावेज देने होंगे।
बिहार विवाद बना उदाहरण, सुप्रीम कोर्ट में मामला जारी
बिहार में पिछले SIR को लेकर विवाद हुआ था। विपक्ष ने “वोट चोरी” का आरोप लगाया था। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है, हालांकि अदालत ने आयोग की प्रक्रिया को वैध ठहराया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने SIR और वोटर लिस्ट पर सवाल उठाते हुए कई प्रजेंटेशन दिए, जिनमें उन्होंने मतदाता हटाने के कथित मामलों को उजागर किया।



