2500 CCTV, लाल जूते और विदेशी पिस्टल.. दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले शूटरों के एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी!

बरेली/गाजियाबाद। बॉलीवुड अभिनेत्री Disha Patani के बरेली स्थित घर पर हुई फायरिंग ने पूरे देश को चौंका दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों शूटरों को ढेर कर दिया। आरोपियों की पहचान हरियाणा के रहने वाले रविंदर उर्फ कल्लू और अरुण के रूप में हुई। पुलिस की स्पेशल टीमों ने गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में ऑपरेशन चलाकर दोनों को एनकाउंटर में मार गिराया। घटना के बाद कई अहम खुलासे हुए हैं जो इस पूरे मामले की गंभीरता को और बढ़ाते हैं।


Bareilly में Disha Patani के घर के बाहर चली थीं गोलियां

12 सितंबर 2025 की सुबह करीब 3:30 बजे दो बाइक सवार बदमाशों ने बरेली स्थित Disha Patani के पैतृक घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गवाहों के अनुसार 8–10 राउंड गोलियां चलाई गईं। इस घटना के तुरंत बाद कनाडा-आधारित गैंगस्टर Goldy Brar ने इस हमले की जिम्मेदारी ली और सोशल मीडिया पर संदेश जारी किया। गिरोह ने दावा किया कि यह हमला कथित धार्मिक संतों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के कारण किया गया।


शूटरों की पहचान और गैंग कनेक्शन

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और खुफिया इनपुट के आधार पर दोनों शूटरों की पहचान की।

  • पहला आरोपी रविंदर उर्फ कल्लू हरियाणा के रोहतक का रहने वाला था।

  • दूसरा आरोपी अरुण सोनीपत से ताल्लुक रखता था।

दोनों शूटर Goldy Brar और रोहित गोडारा गिरोह के लिए काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि यह गैंग हाल के वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल हमलों में शामिल रहा है।

2500 CCTV फुटेज खंगाले

पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए मुंबई और आसपास के इलाकों के करीब 2500 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से शूटरों की मूवमेंट ट्रैक की गई और उनके भागने के रास्तों को चिन्हित किया गया।

लाल जूते बने बड़ा सुराग

जांच में पुलिस को सबसे बड़ा सुराग मिला—लाल रंग के जूते। दरअसल, फायरिंग के दौरान एक शूटर ने लाल जूते पहन रखे थे, जो CCTV फुटेज में बार-बार दिखाई दे रहे थे। इन्हीं जूतों ने पुलिस को लगातार अपराधियों तक पहुंचने का सुराग दिया।


Delhi-UP-Haryana पुलिस ने मिलकर बनाया जाल

इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, यूपी एसटीएफ और हरियाणा एसटीएफ ने संयुक्त अभियान चलाया। आरोपियों की गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी गई और उन्हें गाजियाबाद की ट्रॉनिका सिटी में ट्रैक किया गया। पुलिस टीमों ने आरोपियों को घेरने की कोशिश की लेकिन उन्होंने आत्मसमर्पण करने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी।


एनकाउंटर में ढेर हुए दोनों बदमाश

जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मुठभेड़ में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए — SI रोहित के हाथ में गोली लगी, वहीं HC कैलाश भी जख्मी हुए।


बरामद हथियार और बाइक ने खोला राज

पुलिस ने मौके से आधुनिक हथियार बरामद किए जिनमें Glock और Zigana पिस्टल शामिल थीं। साथ ही आरोपियों के पास से कई कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल भी मिली। इन हथियारों का विदेशी मूल का होना इस बात की ओर इशारा करता है कि गिरोह अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चैन से जुड़ा हुआ था।


Disha Patani के पिता ने जताई चिंता

इस हमले पर Disha Patani के पिता और सेवानिवृत्त डीएसपी जगदीश पटानी ने कहा कि विदेशी हथियारों से की गई फायरिंग सीधे तौर पर डर और दबाव बनाने की रणनीति थी। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की सराहना की लेकिन साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

यह पूरा मामला केवल Disha Patani के परिवार की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर की हस्तियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। जिस तरह से बदमाशों ने खुलेआम हाई-प्रोफाइल घर के बाहर गोलियां चलाईं, वह कानून व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियों को उजागर करता है।

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