Delhi Pollution: दम फूलने के साथ रात की नींद भी उड़ा रहा प्रदूषण, बढ़े अस्थमा-दमा के मरीज
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा रहा है। अस्पतालों में अस्थमा, दमा और खांसी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों ने सतर्कता बरतने और बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी है।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। दिन में सांस फूलना और खांसी जैसी समस्याओं के साथ अब रात की नींद भी उड़ रही है। दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में सांस फूलने, सिरदर्द, आंखों में जलन, तनाव और अनिद्रा जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कुलदीप कुमार के अनुसार, सांस संबंधी बीमारियों वाले मरीजों की संख्या ओपीडी में 10-20 फीसदी तक बढ़ गई है। एलर्जिक ब्रोंकाइटिस के लक्षण — लगातार खांसी, छाती में जकड़न और घरघराहट — आमतौर पर देखे जा रहे हैं। अस्थमा, दमा और सीओपीडी (COPD) के मरीजों को पहले की तुलना में अब अधिक बार दवा लेनी पड़ रही है। जो मरीज पहले दिन में दो बार इनहेलर लेते थे, अब उन्हें चार–पांच बार लेने की सलाह दी जा रही है।
बच्चों और बुजुर्गों में बढ़ा खतरा
लोकनायक अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि प्रदूषण के चलते अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सांस लेने में तकलीफ और खांसी की शिकायतें सबसे आम हैं। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। प्रदूषण के बढ़ने से हृदय संबंधी बीमारियों में भी वृद्धि देखी जा रही है — जिसमें उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा और स्ट्रोक के मामले शामिल हैं।
अस्पतालों में अलर्ट, लोगों से सतर्कता की अपील
लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. बी.एल. चौधरी के निर्देशन में रेस्पिरेटरी और इमरजेंसी टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन, नेबुलाइजर और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
प्रदूषण से बचाव के उपाय
- बच्चे और बुजुर्ग बाहरी गतिविधियों से बचें
- सुबह और शाम के समय व्यायाम न करें
- बाहर निकलते समय मास्क लगाएं और आंखों पर चश्मा पहनें
- ठंडे पानी से आंखें धोएं
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें
- विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल खाएं
- घर की खिड़कियां बंद रखें और खुले में कचरा न जलाएं



