NDA में दरार के संकेत?, ओमप्रकाश राजभर ने बिहार में 6 और सीटों पर उतारे उम्मीदवार — कुल 53 सीटों पर सुभासपा का दावा मजबूत

ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा ने बिहार में 6 नई सीटों पर प्रत्याशी उतारे। अब तक 53 सीटों पर दावेदारी के बाद एनडीए में मतभेद और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

लखनऊ: बिहार विधानसभा चुनाव जैसेजैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसेवैसे एनडीए में अंदरूनी खींचतान के संकेत दिखने लगे हैं। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के सहयोगी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा)के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर अब बिहार में भी अपने राजनीतिक विस्तार की रणनीति पर काम कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने6 नई सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की, जिससे अब तक सुभासपा कुल 53 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।

इन 6 सीटों से लड़ेंगे सुभासपा उम्मीदवार

शनिवार को सुभासपा ने बिहार की जिन सीटों पर नए उम्मीदवार उतारे, उनमें शामिल हैं

  • रामनगर: वशिष्ठ पासवान
  • रामगढ़: घूरेलाल राजभर
  • काराकाट: राम वकील राजवंशी
  • वजीरगंज: रविंद्र राजभर
  • रानीगंज (सु): राजेश रजवार
  • कुटुंबा: राधेश्याम रजवार

इन नामों की घोषणा के साथ सुभासपा ने यह संकेत दे दिया है कि पार्टी बिहार में अब सिर्फ सहयोगी की भूमिका नहीं, बल्कि स्वतंत्र ताकत के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना चाहती है।

बिहार की जनता परिवर्तन चाहती है” — अरविंद राजभर

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने कहा कि बिहार की जनता अब परिवर्तन के मूड में है और सुभासपा ही वह विकल्प है, जो सामाजिक न्याय और विकास का संतुलन लाने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि प्रत्याशियों का चयन प्रदेश के सामाजिक, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है।

ओमप्रकाश राजभर के तेवर और बढ़े

पार्टी प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एनडीए में बढ़ती असहमति को उजागर करते हुए कहा कि बिहार के कुछ प्रमुख बीजेपी नेता अपने निजी स्वार्थ के कारण सुभासपा के योगदान और मेहनत को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने इसे गठबंधन धर्म के खिलाफ बताया और कहा कि यह रवैया बिहार की जनता के साथ अन्याय है।

राजभर ने दोहराया कि सुभासपा अब भी वंचित, शोषित और पिछड़े समाज के विकास के लिए काम कर रही है और यही उनका मूल एजेंडा रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी बिहार के हर कोने में जनसंपर्क अभियान चलाकर सामाजिक न्याय और समान अवसर की आवाज को और बुलंद करेगी।

एनडीए में बढ़ सकती है नाराजगी

राजभर के हालिया बयानों से राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि एनडीए में मतभेद गहराते जा रहे हैं। सुभासपा के 53 सीटों पर उम्मीदवार उतारने को लेकर यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी आगे चलकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला भी कर सकती है।

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