दिल्ली में फर्जी No-Entry पास पर सख्ती, पकड़े गए तो केस, गाड़ी जब्त और ब्लैकलिस्ट

फर्जी NEP पर दिल्ली ट्रैफिक का बड़ा एक्शन नकली पास बनवाया तो सीधा केस और गाड़ी जब्त दलालों के नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी पुलिस

Delhi: दिल्ली में फर्जी नो-एंट्री परमिट (NEP) के जरिए चल रहे खेल पर अब ट्रैफिक पुलिस ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर कोई भी व्यक्ति नकली पास बनवाते या इस्तेमाल करते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सीधे आपराधिक केस दर्ज होगा, वाहन जब्त किया जाएगा और ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।

हाल के मामले और कार्रवाई

हाल ही में पुलिस ने दो बड़े मामले पकड़े हैं एक ईस्टर्न ट्रैफिक रेंज में और दूसरा सेंट्रल रेंज में। दोनों ही मामलों में वाहनों के पास नकली नो-एंट्री परमिट पाए गए। जांच में सामने आया कि ये पास कुछ अवैध एजेंटों और दलालों के जरिए बनवाए गए थे। इसके बाद गोकुलपुरी और वजीराबाद थानों में FIR दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस अब सिर्फ ड्राइवर ही नहीं, बल्कि पूरे फर्जी नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में है।

Delhi: किन्हें मिलता है नो-एंट्री पास

दरअसल, दिल्ली में नो-एंट्री पास उन्हीं वाहनों को दिया जाता है जो जरूरी सेवाओं से जुड़े होते हैं, जैसे दूध, फल-सब्जियां, राशन, दवाइयां, ऑक्सीजन, LPG, पानी या फिर सरकारी काम (DDA, PWD, DMRC)। इन वाहनों को तय समय और नियमों के तहत ही एंट्री मिलती है, लेकिन कुछ लोग इस सिस्टम का गलत फायदा उठाकर नकली पास बनवा लेते हैं।

Delhi: पास के प्रकार और प्रक्रिया

पुलिस के मुताबिक, नो-एंट्री पास तीन तरह के होते हैं एनुअल (एक साल के लिए), टेम्पररी (तीन महीने तक) और शॉर्ट टर्म (एक हफ्ते तक)। एनुअल और टेम्पररी पास ऑनलाइन मिलते हैं, जबकि शॉर्ट टर्म पास ट्रैफिक DCP ऑफिस से ऑफलाइन जारी किया जाता है।

पुराने डीजल वाहनों पर रोक

ट्रैफिक पुलिस ने यह भी साफ कर दिया है कि 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को पास नहीं मिलेगा। वहीं CNG और BS मानकों वाले वाहनों को प्राथमिकता दी जाती है। साथ ही पास मिलने के बाद तय रूट, समय और नियमों का पालन करना जरूरी है, वरना कार्रवाई तय है।

पुलिस की अपील और चेतावनी

Delhi: पुलिस ने लोगों, ट्रांसपोर्टरों और कमर्शियल ड्राइवरों से अपील की है कि किसी भी अनऑथराइज्ड एजेंट या दलाल के चक्कर में न पड़ें। सिर्फ आधिकारिक पोर्टल से ही पास बनवाएं। नियमों का पालन करें और फर्जीवाड़े से दूर रहें, ताकि सड़कें सुरक्षित बनी रहें।

 

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