कलेक्टर से ये क्या कह गए दिग्गज नेता! – “RSS की चड्डी पहन लो, राम नाम सत्य होगा”, कुत्ते के गले में टांग दिया ज्ञापन!

भोपाल/धार। मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी और विरोध के नए अंदाज़ ने हलचल मचा दी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को लेकर विवादित बयान दिया और उन पर बीजेपी-आरएसएस के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया।

धार में कार्यक्रम से साधा निशाना

उमंग सिंघार गुरुवार को धार पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस जिला अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा –
“छिंदवाड़ा कलेक्टर इतना डरपोक है कि भाजपा का गुलाम है। मैंने कहा है कि अगर गुलाम है तो भाजपा, आरएसएस की चड्डी पहन ले। कलेक्टर जनता का नौकर होता है, लेकिन यह तो भाजपा का नौकर बन गया।”

छिंदवाड़ा आंदोलन से जुड़ा विवाद

20 अगस्त को छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने खाद संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। इस दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व सांसद नकुलनाथ समेत कई बड़े नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। लेकिन कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं आए, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने जमकर नाराज़गी जताई।

“कलेक्टर नहीं आया तो कुत्ते को ज्ञापन दिया”

सिंघार ने कहा कि छिंदवाड़ा में उन्होंने तय किया था कि यदि कलेक्टर नहीं आए तो विरोध जताने का अलग तरीका अपनाएंगे। उन्होंने मंच से कहा –
“जब कलेक्टर नहीं आया तो मैंने एक कुत्ते को बुलाया और उसे छिंदवाड़ा कलेक्टर बना दिया। फिर मैंने और जीतू पटवारी ने उस कुत्ते के गले में ज्ञापन बांध दिया। ये बीजेपी सरकार के डर से अधिकारी जनता से मिलने तक से कतरा रहे हैं।”

अधिकारियों को दी चेतावनी

उमंग सिंघार ने आईएएस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा –
“मैं सभी आईएएस की बात नहीं कर रहा, लेकिन जो कलेक्टर और आईएएस पार्टीबाजी करेंगे, कांग्रेस सरकार आने पर उन्हें भी जवाब मिलेगा। दादागिरी करने वालों को हम बताएंगे कि राम नाम सत्य भी होता है।”

कलेक्टर ने प्रतिक्रिया देने से किया इंकार

इस पूरे विवाद पर जब छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह से मीडिया ने संपर्क किया, तो उन्होंने कहा –
“मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं, इस मामले पर कुछ नहीं कहूंगा।”

पुलिस से हुई धक्का-मुक्की

छिंदवाड़ा आंदोलन के दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हल्की झड़प भी हुई थी। कांग्रेस नेता कलेक्टर को किसानों की समस्याओं पर ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन जब वे नहीं मिले तो कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर अनोखा विरोध किया गया।

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