बड़ी खबर: यूपी के हाई प्रोफाइल BJP नेता और साथी का राजस्थान में कत्ल, कुँए में मिलीं दोनों की लाशें, वजह होश उड़ाने वाली!

राजस्थान के शाहजहांपुर में साइबर ठगों ने बलिया के भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अशोक सिंह और उनके साथी विकास कुमार की हत्या कर दी। ठगों ने उन्हें सस्ते जेनरेटर का झांसा देकर बुलाया और रुपए लूटने के बाद हत्या कर शव कुओं में फेंक दिए। घटना हाई-प्रोफाइल होने के चलते यूपी और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दोनों शव बरामद किए गए।

सस्ते जेनरेटर की ऑनलाइन डील से फंसे जाल में

बलिया के अघैला गांव निवासी अशोक सिंह (55) ने 16 सितंबर को ऑनलाइन जनरेटर खरीदने की डील की। 18 सितंबर को वह अपने मिस्त्री साथी विकास कुमार (44) के साथ जयपुर रवाना हुए। 19 सितंबर से दोनों का फोन बंद हो गया। 21 सितंबर को अशोक के भाई और IRS अधिकारी निर्भय नारायण सिंह ने दिल्ली में FIR दर्ज कराई।

शव मिले दो कुओं से, हाई-प्रोफाइल केस में तुरंत एक्शन

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि दोनों शाहजहांपुर क्षेत्र में थे। जांच के दौरान एक खेत में बने कुएं से बदबू आने पर पुलिस ने शव बरामद किया। 1 किमी दूर दूसरे कुएं से भी दूसरा शव निकाला गया। शवों का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड से कराकर परिजनों को सौंपा गया। मंगलवार को अशोक सिंह का अंतिम संस्कार लखनऊ में बैकुंठ धाम पर किया गया, जबकि विकास का अंतिम संस्कार बलिया में होगा।

भाजपा नेता का परिवार और पृष्ठभूमि

अशोक सिंह छह भाइयों में चौथे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई रघुनाथ सिंह सेना से सूबेदार पद से रिटायर हैं, दूसरे भाई गोरखपुर में क्लीनिक चलाते हैं, जबकि छोटे भाई निर्भय नारायण सिंह दिल्ली में ADRM और सबसे छोटे भाई संजय सिंह सेल टैक्स कमिश्नर हैं। पत्नी सीमा और दोनों बच्चे प्रयागराज में रहते हैं। अशोक बलिया में एजेंसी संभालते थे।

परिवार और ग्रामीणों की भावुक प्रतिक्रिया

अशोक की चाची चंद्रावती सिंह ने बताया कि वह मिलनसार और मददगार स्वभाव के थे। चाचा पंचदेव सिंह और ग्रामीण अवधेश पासवान ने भी उन्हें सभ्य और सरल बताया। वहीं विकास की पत्नी पूजा और दो बेटियां मीठी (12) और शिवानी (7) हैं। विकास अशोक की एजेंसी में मिस्त्री का काम करता था।

यूपी और राजस्थान पुलिस की संयुक्त जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अशोक और विकास को ठगों ने पहले गुरुग्राम और कोटपूतली घुमाया। फिर शाहजहांपुर में उनकी हत्या कर शव फेंक दिए। यूपी पुलिस को मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने पर बहरोड़ और शाहजहांपुर की जानकारी मिली थी। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर शव बरामद किए। अब साइबर सेल की मदद से गिरोह की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

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