Rahul-Tejashwi की ‘वोट अधिकार यात्रा’ में लोग क्यों हुए नाराज ? अंबेडकर की प्रतिमा और पप्पू यादव से संबंध!

मुंगेर। बिहार में वोटर अधिकार यात्रा का छठा दिन शुक्रवार को मुंगेर से शुरू हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव का काफिला मुंगेर से निकलकर भागलपुर के सुल्तानगंज पहुंचा। यहां से यात्रा अकबरनगर की ओर बढ़ी। लेकिन स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली क्योंकि घोरघट में 12 फीट ऊंची भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का उद्घाटन कार्यक्रम स्थल पर ही नहीं किया गया।
यात्रा के दौरान घोरघट में नाराजगी
घोरघट में अंबेडकर प्रतिमा का उद्घाटन राहुल-तेजस्वी करने वाले थे। हालांकि, प्रतिमा और शिलापट्ट को देखकर काफिला सीधे आगे बढ़ गया। इससे स्थानीय लोग खफा दिखे और नाराजगी जाहिर की। प्रतिमा का अनावरण नहीं होने से लोगों में असंतोष का माहौल बन गया।
पप्पू यादव ने किया शिलापट्ट का उद्घाटन
स्थानीय माहौल बिगड़ता देख, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने मौके पर सिर्फ शिलापट्ट का उद्घाटन किया। इसके बाद वह भी राहुल गांधी के काफिले के साथ यात्रा में शामिल हो गए। इस कदम से नाराजगी कुछ कम हुई, लेकिन स्थानीय लोगों में असंतोष अब भी दिखाई दिया।
राहुल-तेजस्वी की मुलाकात और रोड शो
यात्रा के दौरान मुंगेर में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने खानकाह रहमानी के मौलाना से करीब 20 मिनट तक मुलाकात की। इसके बाद काफिला शहर के शहरी इलाके में रोड शो के लिए निकला। यात्रा मुस्लिम और यादव बहुल इलाकों से होकर गुजरी।
यात्रा की आगे की योजना
इस पूरी घटना के बाद मुंगेर से यात्रा सुल्तानगंज होकर अकबरनगर की ओर बढ़ी। जहां करीब दो घंटे का ब्रेक हुआ, इसके बाद काफिला भागलपुर की ओर रवाना हो गया। यात्रा में स्थानीय लोगों की नाराजगी और राजनीतिक नेताओं की मुलाकातें भी लगातार चर्चा में हैं।



