बड़ी खबर: BJP की दूसरी लिस्ट भी जारी, कई चौंकाने वाले नाम.. टिकट बंटवारे को लेकर बिहार NDA में हुआ बवाल!

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी। पार्टी ने 12 नए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है, जिसमें लोक गायिका मैथिली ठाकुर और पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।
इस लिस्ट के साथ अब तक भाजपा 83 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, जबकि वह कुल 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। शेष 18 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा जल्द की जाएगी।
BJP की दूसरी लिस्ट में 12 नाम – मैथिली ठाकुर से लेकर IPS आनंद मिश्रा तक
बीजेपी की जारी सूची में कुल 12 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने युवा चेहरे, पूर्व अधिकारी और स्थानीय प्रभावशाली नेताओं को टिकट देकर संतुलन साधने की कोशिश की है।
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अलीनगर (81) – सुष्री मैथिली ठाकुर
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बक्सर (200) – श्री आनंद मिश्रा (IPS)
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मुजफ्फरपुर (114) – श्री राजन कुमार
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गोपालगंज (105) – श्री सुभाष सिंह
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छपरा (122) – स्मृति छोटी कुमारी
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सासाराम (179) – डॉ. शिवराम सिंह
(बाकी सूची में बेतिया, बानियापुर, औरंगाबाद आदि सीटों के नाम शामिल हैं)
इस सूची को भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद जारी किया गया। लिस्ट पर राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के हस्ताक्षर हैं।
पहली लिस्ट में थे 71 नाम, 13 मंत्रियों और 9 महिलाओं को मिला टिकट
14 अक्टूबर को भाजपा ने अपनी पहली सूची में 71 उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे।
इसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तारापुर और विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा को लखीसराय से टिकट दिया गया।
हालांकि पार्टी ने इस बार कई पुराने चेहरों को बदल दिया है —
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पटना सिटी से लगातार 5 बार जीतने वाले नंदकिशोर यादव का टिकट काटकर रत्नेश कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया।
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सीतामढ़ी की रीगा सीट से मोतीलाल प्रसाद की जगह बैद्यनाथ प्रसाद को मौका मिला।
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कुम्हरार से अरुण कुमार सिन्हा की जगह संजय गुप्ता को टिकट दिया गया।
71 उम्मीदवारों की लिस्ट में भाजपा ने सवर्ण 35, SC-ST 6, OBC 11 और EBC 19 उम्मीदवारों को जगह देकर जातीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
औराई सीट पर ‘टिकट बम’: रामसूरत राय का टिकट कटा, रमा निषाद को मिला मौका
उधर, लिस्ट जारी होने के बाद भाजपा के भीतर औराई विधानसभा सीट को लेकर बड़ा राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है।
पार्टी ने यहां पूर्व मंत्री रामसूरत राय का टिकट काटकर पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी रमा निषाद को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
यह फैसला आते ही स्थानीय कार्यकर्ताओं में तीव्र असंतोष की लहर फैल गई। समर्थक नारेबाज़ी करते हुए इसे “मेहनत और निष्ठा की अनदेखी” बता रहे हैं।
रामसूरत राय की नाराजगी—“मेरे साथ अन्याय हुआ”
टिकट कटने के बाद पूर्व मंत्री रामसूरत राय ने खुलकर पार्टी नेतृत्व पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा,
“मैंने वर्षों तक पार्टी की विचारधारा के लिए काम किया है। लेकिन आज मेरी मेहनत और जनाधार को नजरअंदाज किया गया। टिकट वितरण में योग्यता की जगह निजी हित और सियासी समीकरण को प्राथमिकता दी गई है।”
राय के समर्थकों ने चेतावनी दी है कि अगर निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे जनता के बीच जाकर विरोध अभियान चलाएंगे।
रमा निषाद को टिकट देने के पीछे BJP की जातीय रणनीति
भाजपा ने रमा निषाद को टिकट देकर निषाद समुदाय को साधने की कोशिश की है।
मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में निषाद वोटरों की संख्या काफी प्रभावशाली है।
पार्टी का मानना है कि रमा निषाद की उम्मीदवारी से विपक्ष के सामाजिक समीकरणों को तोड़ा जा सकता है।
हालांकि, यह कदम रामसूरत राय खेमे को रास नहीं आ रहा है, जिससे पार्टी में आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
कार्यकर्ताओं में असंतोष और खेमेबाज़ी बढ़ी
औराई सीट पर टिकट बंटवारे के बाद भाजपा के स्थानीय यूनिट में खुली खेमेबाज़ी देखने को मिल रही है।
राय समर्थकों का कहना है कि पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं की राय को पूरी तरह अनदेखा किया।
वहीं, रमा निषाद के समर्थक इसे “महिला सशक्तिकरण और सामाजिक प्रतिनिधित्व का प्रतीक कदम” बता रहे हैं।
क्या BJP के लिए खतरे की घंटी है यह असंतोष?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में भाजपा पहले ही सीट बंटवारे और गठबंधन के दबाव में है।
ऐसे में औराई जैसे विवाद पार्टी की एकजुटता के लिए चुनौती बन सकते हैं।
अगर असंतुष्ट नेता खुलकर विरोध में उतरते हैं, तो इसका असर 2025 के विधानसभा चुनाव परिणामों पर सीधा पड़ सकता है।
रणनीति बनाम नाराज़गी – BJP के लिए दोहरी चुनौती
जहां एक ओर भाजपा ने दूसरी लिस्ट में युवा, महिला और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर जोर देकर चुनावी संतुलन साधने की कोशिश की है,
वहीं, दूसरी ओर टिकट वितरण से उपजा असंतोष पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े कर रहा है।
अब देखना यह होगा कि भाजपा इस आंतरिक नाराज़गी को कैसे शांत करती है और चुनावी मैदान में एकजुट होकर कैसे उतरती है।



