यूपी लाठीचार्ज: छात्रों ने योगी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, आनन-फानन में CM का एक्शन.. CO-दरोगा समेत कई नपे!

बाराबंकी, 2 सितंबर 2025
रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (Barabanki) में LLB छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और बर्बर पिटाई का मामला अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। छात्रों के साथ पुलिसिया कार्रवाई पर राज्य सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं।
CO सिटी सस्पेंड, कई पुलिसकर्मी लाइनहाजिर
मामले में CO सिटी हर्षित चौहान को निलंबित कर दिया गया है। वहीं नगर कोतवाली प्रभारी आरके राणा और गदिया चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। सरकार ने IG अयोध्या प्रवीण कुमार को जांच सौंपी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कार्रवाई को बताया एकतरफा
भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद मौर्य ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए CO सिटी और गदिया चौकी इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी है।
छात्रों का गुस्सा फूटा – DM और SP को अस्पताल में नहीं घुसने दिया
सोमवार देर शाम DM शशांक त्रिपाठी और SP अर्पित विजयवर्गीय घायल छात्रों का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे, लेकिन नाराज छात्रों ने उन्हें अस्पताल में प्रवेश नहीं करने दिया। वहीं, राज्य मंत्री सतीश शर्मा ने रात को छात्रों से मुलाकात कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
ABVP कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन
रात करीब 9 बजे ABVP कार्यकर्ता DM आवास पर पहुंचकर पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद SP कार्यालय पर भी देर रात तक हंगामा चलता रहा। मंगलवार सुबह ABVP कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव किया और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, सरकार मुर्दाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए।
क्या है पूरा विवाद?
छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी पिछले 4 साल से परीक्षा नहीं करा रही है। 2021 में संस्थान की मान्यता खत्म हो चुकी थी, फिर भी एडमिशन लिया जा रहा था। विरोध करने पर पुलिस और कुछ अन्य लोग परिसर में घुसे और छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें 12 छात्र घायल हो गए।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
पुलिस का कहना है कि छात्रों ने पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए, जिसके बाद लाठीचार्ज करना पड़ा। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन का दावा है कि 2023-24 की ऑनलाइन मान्यता उनके पास है और छात्रों को गुमराह नहीं किया गया है।
छात्रों और परिजनों को मिली धमकियां
एक छात्रा ने आरोप लगाया कि जब वे मान्यता को लेकर शिकायत करते हैं, तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन जवाब देने की बजाय धमकी भरे संदेश भेजता है। परिजनों को भी मैसेज कर कहा जाता है कि अपने बच्चों को समझा लीजिए, वरना उनका भविष्य खतरे में होगा।
बाराबंकी की इस घटना ने छात्रों, अभिभावकों और संगठनों को झकझोर दिया है। सरकार ने जांच शुरू कर दी है और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है। लेकिन छात्र और ABVP लगातार आंदोलन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए।



