बड़ी खबर: रामपुर में घुसते ही पुलिस ने रोका ‘आजम खान’ का काफिला, हुआ बवाल.. वजह चौंका देगी!

रामपुर, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद आजम खां जेल से रिहा होने के बाद पहली बार रामपुर लौट रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया। इस घटना ने समर्थकों के बीच नाराजगी और सियासी सरगर्मी दोनों को बढ़ा दिया है। आजम खां का आरोप है कि पुलिस “मेरे लोगों” के नाम पर आम यात्रियों को परेशान कर रही है।
रामपुर सीमा में रोका गया काफिला
सीतापुर जेल से दोपहर करीब 12:20 बजे आजम खां का काफिला रामपुर की ओर रवाना हुआ। जैसे ही उनका काफिला रामपुर सीमा में दाखिल हुआ, पुलिस ने गाड़ियों की कड़ी चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान केवल तीन गाड़ियों को आगे बढ़ने की अनुमति मिली, जबकि बाकी गाड़ियों को रोक लिया गया। रोकी गई गाड़ियों में मीडिया कर्मियों की गाड़ियाँ भी शामिल थीं।
आजम खां का पुलिस पर गंभीर आरोप
आजम खां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस आम यात्रियों को यह कहकर रोक रही है कि वे उनके “लोग” हैं। उन्होंने इसे अनुचित और अन्यायपूर्ण कार्रवाई करार दिया। आजम खां ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना वजह लोगों को परेशान कर रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
पुलिस की सफाई
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह ट्रैफिक नियमों के आधार पर की गई है। उनके मुताबिक काफिले की कई गाड़ियाँ नियमों का उल्लंघन कर रही थीं। पुलिस का यह भी दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीमित गाड़ियों को ही आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
पहले भी काटे गए चालान
यह पहला मौका नहीं है जब आजम खां के समर्थकों की गाड़ियों पर पुलिस की कार्रवाई हुई हो। सीतापुर जेल से उनकी रिहाई के वक्त भी समर्थकों की गाड़ियों का चालान काटा गया था क्योंकि वे नो-पार्किंग जोन में खड़ी थीं।
राजनीतिक मायने
आजम खां लंबे समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में रिहा हुए हैं। ऐसे में उनकी गतिविधियों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। उनके समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध मान रहे हैं, जबकि विपक्ष और प्रशासन इसे कानून व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों से जोड़कर देख रहा है। यह घटना निश्चित रूप से आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति को और गर्मा सकती है।



