अखिलेश ने ChatGPT से पूछा- क्या संघ बैन होना चाहिए, बोले- सरकार डरकर दुबे को रखी है जिंदा
अखिलेश यादव ने लखनऊ में सरकार पर तीखा हमला बोला। ChatGPT का हवाला देकर RSS बैन की चर्चा की। गन्ना किसानों, मेरठ कारोबारियों, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर योगी सरकार को घेरा। कहा- सरकार सच्चाई से डर रही है।

लखनऊ: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने RSS पर प्रतिबंध से जुड़ा सवाल ChatGPT से पूछा और मेरठ, गन्ना किसानों व स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
ChatGPT से पूछा– क्या संघ बैन होना चाहिए
अखिलेश यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “आप चैटजीपीटी से पूछ लीजिए, उसमें मिल जाएगा कि आरएसएस तीन बार बैन हुआ था।” उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “अब चैटजीपीटी भी बैन होगा।” सीएम योगी पर तंज कसते हुए बोले, “आजकल मुख्यमंत्री बच्चों से खेल रहे हैं, चैटजीपीटी से पूछ लें तो ओसामा का नाम शेर सिंह बता देगा।”
‘दुबे को डरकर जिंदा रखी सरकार’
कानपुर के अखिलेश दुबे केस का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि “सरकार उन्हें डरकर जिंदा रखे है, क्योंकि अगर सच सामने आ गया, तो सरकार की पोल खुल जाएगी।” उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रशासन सच्चाई दबाने में जुटा है।
मेरठ के कारोबारियों को ‘रिटर्न गिफ्ट’
मेरठ सेंट्रल मार्केट तोड़फोड़ पर अखिलेश ने कहा, “सपा सरकार में भी फैसला आया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिन्होंने बीजेपी को वोट दिया, उन्हें रिटर्न गिफ्ट मिल गया।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों के साथ अन्याय कर रही है।
गन्ना किसानों और मंडियों पर वार
अखिलेश ने कहा कि गन्ने की कीमतें और बढ़नी चाहिए, क्योंकि खाद, डीजल और कीटनाशक महंगे हैं। उन्होंने सरकार पर मंडियों को निजी हाथों में बेचने की साजिश का आरोप लगाया। कहा, “सरकार कारोबारियों से मिली हुई है और किसान को लाभ नहीं देना चाहती।”
स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार पर हमला
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त थीं, लेकिन अब “भाजपा सरकार में इलाज कराने गए तो ओटी में पहुंचा देंगे।” यूपी में भ्रष्टाचार और अपराध बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा, “आज बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं, और अधिकारी अखबार में पैसा छिपा रहे हैं।”



