AI Tools की मदद से संभल कोर्ट में हुई सुनवाई, यूपी का पहला जिला बना

संभल जिला बना यूपी का पहला AI कोर्ट प्रयोग एसआई राजीव कुमार की गवाही AI टूल्स से दर्ज पारदर्शिता बढ़ी, समय की बचत और छेड़छाड़ की संभावना खत्म

संभल, उत्तर प्रदेश: संभल अब उत्तर प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां न्यायिक कार्यवाही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल किया गया है। एडमिनिस्ट्रेटिव जज अरुण कुमार देशवाल की मौजूदगी में संभल हिंसा से जुड़े एक मुकदमे की सुनवाई AI के माध्यम से हुई। इस दौरान एसआई राजीव कुमार का बयान दर्ज किया गया। AI उपकरण गवाहों के बयान को तुरंत रिकॉर्ड कर प्रिंट आउट कर देता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो जाती है। साथ ही इससे समय की भी बचत होती है।

 

संभल हिंसा मामले में AI टूल्स की पहली सुनवाई

जिला कोर्ट में एडमिनिस्ट्रेटिव जज की उपस्थिति में 24 नवंबर 2024 को संभल हिंसा में घायल हुए एसआई राजीव कुमार की गवाही AI टूल्स के जरिए हुई। यही वजह है कि संभल AI टूल्स के जरिए सुनवाई करने वाला यूपी का पहला जिला बन गया।

 

हिंसा में घायल हुए थे SI राजीव कुमार

जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित के मुताबिक, संभल स्थित शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर को लेकर विवाद के चलते 24 नवंबर 2024 को हिंसा हुई थी। इस दौरान 4 लोगों की मौत हुई और कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एसआई राजीव कुमार भी शामिल थे। उनके हाथ में फ्रैक्चर हुआ था।

 

AI के जरिए दर्ज हुई SI की गवाही

मुकदमा अपराध संख्या 340/24, सरकार बनाम मुल्ला अफरोज में सुनवाई चल रही है। इसी केस में AI टूल्स के जरिए एसआई राजीव कुमार की गवाही ली गई। इस मुकदमे में अभियुक्तों के वकील भी मौजूद थे मुल्ला अफरोज की तरफ से एडवोकेट आशिफ़ अली और अभियुक्त गुलाम की तरफ से एडवोकेट आरिफ़।

 

AI टूल से क्या होगा फायदा?

जानकारी के अनुसार, यह मुकदमे में सातवीं गवाही थी। AI टूल्स की मदद से गवाहों के बयान तुरंत रिकॉर्ड और प्रिंट किए जाते हैं। पहले कोर्ट में बयान पेशकार द्वारा लिखे जाते थे, जिससे कभी-कभी बदलाव या छेड़छाड़ के सवाल उठते थे। AI टूल्स की मदद से यह समस्या खत्म हो जाती है और कोर्ट प्रक्रिया और तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बन जाती है।

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