AI समिट में ‘Orion’ पर विवाद: गलगोटियास यूनिवर्सिटी को एक्सपो एरिया खाली करने के निर्देश
AI समिट में रोबोटिक डॉग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। चीनी मॉडल को ‘ओरायन’ नाम देकर पेश करने पर सवाल उठे। वायरल वीडियो के बाद यूनिवर्सिटी की सफाई भी घिरी विवादों में।

Galgotias university: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान गलगोटियास यूनिवर्सिटी को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक, समिट के एक्सपो एरिया से यूनिवर्सिटी को अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया। यह कार्रवाई उस वायरल वीडियो के बाद हुई, जिसमें यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि एक चीनी रोबोटिक डॉग को अपनी उपलब्धि बताकर पेश करते नजर आए।
कौन है असली रोबोट?
समिट में जिस रोबोट को “ओरायन” नाम से प्रदर्शित किया गया, वह दरअसल चीन की कंपनी Unitree का मॉडल Unitree Go2 है। यह रोबोट भारत में ऑनलाइन करीब 2 से 3 लाख रुपये में उपलब्ध है। वायरल वीडियो में एक महिला प्रतिनिधि इसे यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित बताती दिखीं।
कैमरे पर क्या बोले प्रोफेसर?
एक अन्य वीडियो क्लिप में यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर भी मीडिया से बातचीत में यही दावा करते नजर आए कि यह रोबोट उनके संस्थान में तैयार किया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत पहचान लिया कि यह विदेशी कंपनी का कमर्शियल प्रोडक्ट है। इसके बाद यूनिवर्सिटी पर विदेशी तकनीक को भारतीय इनोवेशन बताने के आरोप लगने लगे।
यूनिवर्सिटी की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी किया। यूनिवर्सिटी ने कहा कि रोबोटिक डॉग को केवल छात्रों के प्रशिक्षण और प्रयोग के उद्देश्य से खरीदा गया है। उन्होंने साफ किया कि संस्थान ने इसे बनाने का दावा कभी नहीं किया।
कम्युनिटी नोट से बढ़ी मुश्किल
हालांकि, एक्स पर किए गए पोस्ट पर कम्युनिटी नोट जोड़ा गया, जिसमें कहा गया कि यूनिवर्सिटी का दावा भ्रामक है। नोट में उल्लेख किया गया कि समिट के दौरान रोबोट को “ओरायन” नाम देकर पेश किया गया और प्रतिनिधियों ने कैमरे पर इसे अपने सेंटर में विकसित बताया था। इस पूरे विवाद ने तकनीकी दावों की पारदर्शिता और शैक्षणिक संस्थानों की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।



