अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर “गौतम अडानी” का बड़ा एलान, मौके पर पहुंची उनकी टीम.. कर रही यह काम

आज दोपहर अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SVPIA) से टेकऑफ के बाद एयर इंडिया की 787‑8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट AI‑171 लंदन के गेटविक एयरपोर्ट के लिए मार्ग में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस जहाज में 242 यात्री (217 वयस्क व 11 बच्चे) सवार थे, जिसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे ।
रिहायशी इलाके में आग और काला धुआं
एयर ट्रैफिक कंट्रोल को टेकऑफ के बाद तुरंत ही “मायडे” कॉल मिला, लेकिन अगले ही क्षण रेडार से विमान गायब हो गया। बाद में विमान मेघानीनगर इलाके में एक हॉस्टल बिल्डिंग से टकराया, जिससे तेज विस्फोट हुआ और आसमान में काला धुआं फैल गया ।
स्थानीय प्रशासनों ने घटनास्थल चारों ओर से सील किया है और बचाव कार्य जारी है ।
एम्बुलेंस कतारों में लगी, अस्पतालों में इमरजेंसी स्थिति
फ़ायर ब्रिगेड व रेस्क्यू टीमें मौके पर रवाना हो चुकी हैं, और घायल यात्रियों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
शवगृह के बाहर एम्बुलेंस की कतारें लगी हैं, जिससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
एयरपोर्ट हुआ बंद, प्रशासन हर स्थिति से निपटने को तैयार
SVPIA में सभी उड़ान संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए हैं, एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
इस फैसले से क्षेत्र में जो शांति–स्थिरता की स्थिति होती है, उस पर विशेष समीक्षा जारी है।
आदानी ग्रुप के गौतम आदानी ने जताया शोक, परिवारों को दी मदद की गारंटी
एयरपोर्ट संचालन करने वाले आदानी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम आदानी ने ट्वीट पर लिखा:
https://twitter.com/gautam_adani/status/1933099124951494656
उन्होंने बचाव कार्यों में समूह के सक्रिय योगदान की भी पुष्टि की
दुर्घटना की जांच शुरू, डीजीसीए और केंद्रीय मंत्री ने जताई गंभीर चिंता
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उच्च स्तरीय AAIB जांच शुरू कर दी है।
हेल्थ मिनिस्टर जे. पी. नड्डा ने पुष्टि की है कि “कई लोग मारे गए” हैं। केंद्रीय विमानन मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहत कार्यों का समन्वय करने का निर्देश दिया है ।
आधुनिक विमान के साथ यह भारत का सबसे बड़ा वायु-त्रासदियों में से एक
यह दुर्घटना पहली बोइंग 787 -8 हुल लोस्स है और 2020 के कोजहिकोडे हादसे के बाद भारत की सबसे गंभीर वायु दुर्घटना बनी । तकनीकी कारण, मानव चूक या अन्य पहलुओं की पूरी जांच जारी है। देशभर में दु:ख और चिंताओं की लहर दौड़ गई है।



