‘आम आदमी पार्टी’ का भारतीय कप्तान ‘सूर्य कुमार यादव’ को चैलेंज, कहा – ‘अगर दम है और अगर औकात है तो..”

भारत और पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर 2025 को दुबई में खेले गए एशिया कप मैच के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीत का श्रेय शहीदों और उनके परिवारों को समर्पित किया। इस भावुक श्रद्धांजलि के बावजूद आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे केवल दिखावा करार देते हुए सूर्यकुमार यादव और BCCI को एक बड़ी चुनौती दी है। AAP ने कहा कि अगर क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ी वास्तव में शहीदों के प्रति सम्मान दिखाना चाहते हैं तो उन्हें मैच से होने वाली कमाई सीधे शहीदों की विधवाओं को दान करनी चाहिए।
AAP की चुनौती: “कमाई का दान करें”
AAP के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि सूर्यकुमार यादव और BCCI को मैच से हुई आय शहीदों की विधवाओं को देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह श्रद्धांजलि केवल दिखावा है। सच्ची मदद के बिना यह एक राजनीतिक स्टंट मात्र है।” भारद्वाज ने BCCI और ICC पर भी निशाना साधा और कहा कि केवल घोषणा करने से काम नहीं चलेगा, वास्तविक कदम उठाना जरूरी है।
दिल्लीवासियों और RWAs का विरोध
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली की कई सोसायटी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस (RWA) ने इस मैच का प्रसारण नहीं किया। इसके अलावा, शहर के कई क्लब और रेस्टोरेंट्स ने भी मैच नहीं दिखाया। इसका उद्देश्य स्पष्ट था कि दिल्लीवासी इस प्रकार के आयोजन या दिखावे के समर्थन में नहीं हैं।
बीजेपी पर तीखा हमला: “हाथ न मिलाना दिखावा”
AAP नेता ने भारतीय टीम द्वारा पाकिस्तान टीम से हाथ न मिलाने के निर्णय पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मैच खत्म होते ही बीजेपी नेता इसे बड़ा उपलब्धि बता रहे थे। भारतीय टीम का यह कदम केवल दिखावे का प्रतीक है और इसे राजनीतिक लाभ के लिए पेश किया गया।”
AAP की मांग: “सच्ची श्रद्धांजलि के लिए वास्तविक मदद”
AAP ने जोर देकर कहा कि अगर क्रिकेट टीम और BCCI सच्चे दिल से शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करना चाहते हैं, तो मैच की कमाई सीधे शहीदों की विधवाओं के कल्याण के लिए दी जानी चाहिए। ऐसा करने से यह भावनात्मक श्रद्धांजलि केवल दिखावे की बजाय वास्तविक मदद बन जाएगी।
खेल और राजनीति का मिलाजुला असर
यह पूरा घटनाक्रम खेल और राजनीति के बीच की सीमा को और स्पष्ट कर देता है। क्रिकेट केवल खेल नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय भावनाओं और राजनीतिक विवादों का भी हिस्सा बन गया है। अब यह देखना होगा कि क्या सूर्यकुमार यादव और BCCI AAP की इस चुनौती को स्वीकार करेंगे और कार्रवाई करेंगे या नहीं।



