मेरा नाम प्रेमकांत है, मैं ही भारत हूं !

 

ये अस्ल भारत है। नफरत की राख पर बैठे इस भारत का नाम प्रेमकांत है। ये जेहादी है क्योंकि जेहादी का शाब्दिक अर्थ है- जिन्दगी को बचाने के लिए जान की बाज़ी लगाने वाला। दरअसल हमारे भारत की आत्मा मे ही जेहादी तासीर है। अस्ली भारतीय मानवता को बचाने के लिए अपनी जान की भी परवा नहीं करता।

देखिए क्या हालत हो गई है दुनिया को प्रेम की राह दिखाने वाले भारत की। साजिशें ने हमें नफरत के बारूद पर बैठा दिया है। दिल्ली का नरसंहार एक बड़ी साजिश का नतीजा है।
हम जिक्र तो दिल्ली दंगों में एक-दो मरने वालों का कर रहे हैं, लेकिन मारे गये हैं 42 लोग। बताया जा रहा है कि क़रीब 10-12 हिंदू और 28-30 मुसलमान मारे गयें है। कौन होंगे वे वहशी दरिंदे,देशद्रोही, दंगाई जिन्होंने करीब तीस मुसलमानों को मार दिया ! आखिर कौन होंगे वो राक्षस जिन्होंने तकरीबन 10-12 हिंदू भाइयों की बेरहमी से हत्या कर दी।

लेकिन प्रेमकांत नुमा भारत बार-बार चिल्ला रहा है कि हिंदू-मुसलमान नहीं, मेरे लाल मरे हैं। इन्हें मारने वाले देश के गद्दार हैं। इंसानियत के गुनाहगार हैं। हिंदुओं और सनातन धर्म की रुसवा करने वालें हैं। मुसलमानों और इस्लाम को बदनाम करने वाले हैं। साम्प्रदायिक दंगों और हत्याओं का षणयंत्र रचने वाले राष्ट्रवाद की सुंदर पोशाक की आस्तीन में छिपे गद्दार हैं ये। हों सकता है साम्प्रदायिक उनमाद फैलाकर हत्याओं का नंगा नाच करने वाले ये हत्यारे बड़ी ताकत हों। सियासी शक्तियां हों। सत्ता के नशे में चूर हों। या सत्ता ना मिलने की कुंठा मे हों।

लेकिन ये जितने भी बलशाली हों एक दिन हार जायेंगे। क्योंकि भारत के पास प्रेमकांत जैसों के प्रेम की ताकत है। प्यार को बचाने के लिए नफरत की आग में कूद जाने का जज़्बा रखने वाले ऐसे प्रेमकांतों की कमी नहीं है।

तस्वीर में आप जिस झुलसे हुए शख्स को देख रहे हैं, ये जख्मी है.. परेशान है.. लेकिन यही हमारी ताकत है।
प्रेमकांत नाम का ये हिन्दू शख़्स दंगाई के हाथों मारे जा रहे एक मुसलमान को बचाने के लिए अपनी जान की बाज़ी लगाकर आग में कूद गया थाँ

इसके इस जज़्बे ने बता दिया कि यहीं अस्ल भारत है। अनेकता में एकता की ताकत है। गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल है। राष्ट्रवाद है। राम और रहीम का इतिहास है। गांधी का साकार होता सपना है।
हां ये प्रेमकांत है। एक देश के साप्रदायिक सौहार्द और प्यार का फलसफा..
यानी भारत।

– नवेद शिकोह

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