UPITS 2026: यूपी को ग्लोबल सोर्सिंग हब बनाने की तैयारी, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ को मिलेगी खास पहचान

ग्रेटर नोएडा | 25 सितंबर 2026 : उत्तर प्रदेश अब अपने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो यानी UPITS 2026 का चौथा संस्करण प्रदेश को ग्लोबल सोर्सिंग और ट्रेडिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है।
2,400 से ज्यादा प्रदर्शक, 85 देशों के खरीदार
उत्तर प्रदेश अब अपने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो यानी UPITS 2026 का चौथा संस्करण प्रदेश को ग्लोबल सोर्सिंग और ट्रेडिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है।
25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले इस ट्रेड शो में देश-दुनिया के कारोबारी, खरीदार, निवेशक और उद्यमी एक मंच पर दिखाई देंगे।
इस वर्ष UPITS का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और व्यापक किया गया है। ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम छह पार्टनर देशों के रूप में इसमें भाग ले रहे हैं।
आयोजकों के मुताबिक, UPITS 2026 में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा 1.5 लाख से अधिक B2B खरीदार एवं विजिटर्स, करीब 4.5 लाख सामान्य आगंतुक और 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार इस आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं।
यानी यह सिर्फ एक ट्रेड शो नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का एक बड़ा कारोबारी प्लेटफॉर्म बनने जा रहा है।
MSME सेक्टर पर बड़ा फोकस
उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि MSME सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां हैं।
सरकार का फोकस ऐसा कारोबारी इकोसिस्टम तैयार करने पर है, जहां स्थानीय उद्यमी न सिर्फ अपना कारोबार बढ़ा सकें बल्कि नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार हो सकें।
UPITS के जरिए स्थानीय उद्योगों को नए बाजार, निवेश, कारोबारी साझेदारी और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ पर भी नजर
इस बार ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश की स्थानीय पहचान और खान-पान की विविधता को भी अंतरराष्ट्रीय मंच देने की तैयारी है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ की अवधारणा के जरिए अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य संस्कृति को पहचान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है।
यानी यूपी की पहचान अब सिर्फ उसके उद्योग और उत्पादों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसकी स्थानीय संस्कृति, खान-पान और पारंपरिक विरासत भी ग्लोबल मंच पर दिखाई देगी।
उद्घाटन में दिखेगा बड़ा राजनीतिक मंच
UPITS 2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार की कोशिश है कि UPITS को ऐसा स्थायी अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म बनाया जाए, जहां उत्तर प्रदेश के छोटे और बड़े कारोबारी सीधे वैश्विक खरीदारों और निवेशकों से जुड़ सकें।
उत्तर प्रदेश की नई ट्रेड पहचान
UPITS 2026 के जरिए उत्तर प्रदेश अपने पारंपरिक उद्योगों, MSME सेक्टर, स्थानीय उत्पादों और खाद्य संस्कृति को एक ही मंच पर दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश कर रहा है।
लक्ष्य साफ है—लोकल उत्पादों को ग्लोबल बाजार, स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदार और उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सोर्सिंग हब की पहचान।



