ओल्ड मोंक और रॉयल चैलेंज समेत चार बड़े शराब ब्रांडों की बिक्री पर रोक
FSSAI की बड़ी कार्रवाई, चुनिंदा उत्पादों को बताया 'सब-स्टैंडर्ड'; कंपनियों ने फैसले को दी चुनौती
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के कुछ लोकप्रिय शराब ब्रांडों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके चुनिंदा उत्पादों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जांच में पाया गया कि इन उत्पादों में पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया के बजाय कृत्रिम (Artificial) या ‘नेचर-आइडेंटिकल’ फ्लेवरिंग पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था। नियामक ने ऐसे उत्पादों को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार ‘सब-स्टैंडर्ड’ (मानक से कम गुणवत्ता वाला) माना है।
किन ब्रांडों पर हुई कार्रवाई
FSSAI की कार्रवाई से प्रभावित प्रमुख ब्रांडों में शामिल हैं—
रॉयल चैलेंज व्हिस्की
ओल्ड मोंक रम (तीन विशेष वैरिएंट)
बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की
मैकडॉवेल्स नं. 1 रम
एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की
ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम
क्या मिला जांच में?
FSSAI के अनुसार, जांच में इन उत्पादों में ऐसे कृत्रिम या “नेचर-आइडेंटिकल” फ्लेवरिंग पदार्थों का उपयोग पाया गया जो पारंपरिक रूप से लंबे समय तक परिपक्व (Aged) की गई रम या व्हिस्की का स्वाद और सुगंध देने के लिए इस्तेमाल किए गए थे। नियामक का कहना है कि यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति को लेकर भ्रम हो सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य: उपलब्ध रिपोर्टों में यह नहीं कहा गया है कि इन उत्पादों में “जहरीले रंग” (toxic colours) पाए गए। कार्रवाई का आधार मुख्य रूप से अनधिकृत/अनुचित फ्लेवरिंग और लेबलिंग संबंधी उल्लंघन बताया गया है।
क्या पूरे देश में बैन हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई सभी राज्यों और सभी उत्पादन इकाइयों पर समान रूप से लागू है या केवल कुछ विशेष फैक्ट्रियों/राज्यों में बने उत्पादों तक सीमित है, इस पर अभी पूरी स्पष्टता नहीं है। FSSAI ने इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।
कंपनियों ने उठाए सवाल
कार्रवाई से प्रभावित कंपनियों ने FSSAI के फैसले का विरोध करते हुए अदालत का रुख किया है। उनका कहना है कि उनके उत्पाद भारतीय नियमों के अनुरूप लेबल किए गए हैं और फ्लेवरिंग का उपयोग उद्योग में प्रचलित मानकों के अनुसार किया गया है। कुछ मामलों में न्यायिक चुनौती भी दी गई है।
सख्त हो रहा नियामक रुख
हाल के महीनों में FSSAI ने खाद्य एवं पेय उद्योग में नियमों के अनुपालन को लेकर निगरानी तेज की है। इससे पहले भी प्राधिकरण ने विभिन्न उत्पादों की लेबलिंग और गुणवत्ता को लेकर कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है।



