बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार से मुलाकात

महाराष्ट्र में सियासी चर्चाएं तेज, क्या PK को पार्टी का पॉलिटिकल एडवाइज़र बनाना चाहती है NCP ?

मुंबई।<strong जन सुराज पार्टी के संस्थापक और जाने-माने पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट प्रशांत किशोर ने गुरुवार को NCP की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार और उनके सांसद बेटे पार्थ पवार से मुलाक़ात की। इस हफ़्ते बिहार में बांकीपुर उपचुनाव में BJP को हराने वाले किशोर की पिछले तीन महीनों में उनसे यह दूसरी मुलाक़ात है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे उन्हें पार्टी का पॉलिटिकल एडवाइज़र बनाना चाहते हैं।।

अजित पवार के निधन के बाद दूसरी बार हुई मुलाकात

प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार की यह कुछ महीनों के भीतर दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। इससे पहले जनवरी में बारामती में विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद भी किशोर ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की थी। उस समय सुनेत्रा पवार के बेटे और एनसीपी नेता पार्थ पवार ने किशोर को परिवार का पुराना परिचित बताया था।

छह घंटे चली बैठक

ताजा मुलाकात को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसकी अवधि को लेकर है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशांत किशोर, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के बीच बैठक करीब छह घंटे चली। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से बैठक में हुई बातचीत का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

एनसीपी को संगठन की मजबूती पर दे गए टिप्स?

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बैठक के दौरान एनसीपी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूत करने और पार्टी की राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा हुई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार किशोर ने पार्टी के संगठन में बदलाव, जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार करने जैसे मुद्दों पर सुझाव दिए। हालांकि, इन चर्चाओं को लेकर एनसीपी की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

बांकीपुर जीत के बाद बढ़ी चर्चा

प्रशांत किशोर की महाराष्ट्र यात्रा ऐसे समय हुई है जब उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्र में जीत दर्ज की है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 वोट मिले। किशोर ने 19,324 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

क्या महाराष्ट्र में नई भूमिका की तैयारी?

किशोर की सुनेत्रा और पार्थ पवार से लगातार मुलाकातों ने इस संभावना को लेकर अटकलें बढ़ा दी हैं कि वह एनसीपी की चुनावी या संगठनात्मक रणनीति में किसी भूमिका में आ सकते हैं। हालांकि, अभी तक उनकी किसी औपचारिक नियुक्ति या एनसीपी के साथ रणनीतिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इस मुलाकात को राजनीतिक चर्चा और संभावित रणनीतिक संवाद के तौर पर ही देखा जा रहा है।

भाजपा खेमे की नजर

प्रशांत किशोर की राजनीतिक सक्रियता और महाराष्ट्र में एनसीपी नेतृत्व के साथ उनकी बढ़ती नजदीकी ने भाजपा समेत अन्य दलों का भी ध्यान खींचा है। बांकीपुर में भाजपा को हराने के बाद किशोर की यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि महाराष्ट्र में आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए दल संगठन और रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं।

फिलहाल बैठक के एजेंडे पर दोनों पक्षों की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह मुलाकात महज राजनीतिक शिष्टाचार तक सीमित रहती है या आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में प्रशांत किशोर की कोई औपचारिक भूमिका सामने आती है।

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