CM Bhagwant Mann ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, राज्यसभा सांसदों के दल-बदल पर बड़ा हमला
दल-बदल को बताया लोकतंत्र के खिलाफ साजिश, सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग ‘ऑपरेशन लोटस’ पर हमला, कहा पंजाब में नहीं होंगी ऐसी चालें कामयाब भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और संविधान उल्लंघन का आरोप

Punjab Politics: पंजाब में दल-बदल की लड़ाई को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज सर्वोच्च संवैधानिक पद तक ले गए और राष्ट्रपति से मिले। उन्होंने ‘पंजाब के गद्दार’ (दल-बदल करने वाले) राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता तुरंत रद्द करने की मांग की। पार्टी की एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पंजाब के विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रपति भवन में हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि पंजाब में केवल दो विधायक होने के बावजूद भाजपा के राज्यसभा सदस्यों की संख्या में नाटकीय वृद्धि लोकतांत्रिक आदेश का स्पष्ट उल्लंघन दर्शाती है।
‘इलेक्टेड नहीं, बल्कि सेलेक्टेड’ का आरोप
सात सांसदों को ‘इलेक्टेड नहीं, बल्कि सेलेक्टेड’ बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उनके दल-बदल को पंजाब के साथ विश्वासघात करार दिया। उन्होंने इन सदस्यों को इस्तीफा देने और नया जनादेश लेने की चुनौती दी और चेतावनी दी कि न तो केंद्रीय एजेंसियां और न ही राजनीतिक ताकत गलत कामों को बचा सकेंगी।
Punjab Politics: ‘ऑपरेशन लोटस’ पर सख्त रुख
उन्होंने घोषणा की कि ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे प्रयास पंजाब में कभी सफल नहीं होंगे क्योंकि पंजाब कभी भी विश्वासघात बर्दाश्त नहीं करता। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के खिलाफ हो रहे इस खेल के खिलाफ आवाज उठाई गई है।
Punjab Politics: केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को तोड़ने और नेताओं को ‘वॉशिंग मशीन’ में साफ करने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। इसे उन्होंने लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला बताया।
राज्यसभा दल-बदल पर सवाल
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सात राज्यसभा सदस्यों का दल-बदल लोकतंत्र का कत्ल है। उनके मुताबिक या तो पूरी पार्टी को प्रस्ताव पास करना चाहिए था, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर निष्ठा बदलना असंवैधानिक है।
संविधान में बदलाव की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान में संशोधन कर सांसदों को वापस बुलाने का प्रावधान होना चाहिए, ताकि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो सके।
भाजपा पर तीखा हमला
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के पास पंजाब में केवल दो विधायक हैं, लेकिन सात राज्यसभा सांसद होना संविधान का मजाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर संविधान का उल्लंघन कर रही है।
पंजाब के अधिकारों का मुद्दा
उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब को उसके वैध अधिकारों पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, भाखड़ा बांध से वंचित करना चाहती है और राज्य के विकास फंड भी रोके जा रहे हैं।
‘पंजाब में नहीं चलेगी ये राजनीति’
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पंजाब के लोग ऐसी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे और भाजपा को यहां कभी सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता ऐसी ताकतों को सबक सिखाएगी।
संघर्ष जारी रखने का ऐलान
Punjab Politics: दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए उनकी सरकार का संघर्ष लगातार जारी रहेगा और जनता के जनादेश की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
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