Raghav chaddha: ‘हिम्मत है तो इस्तीफा दो!’ ‘आप’ की बगावत पर संजय सिंह का बड़ा प्रहार

बगावत की आग: 'आप' के 7 सांसदों ने थामा बीजेपी का दामन, राघव चड्ढा ने दो-तिहाई बहुमत के साथ 'विलय' का किया बड़ा दावा। संजय सिंह का पलटवार: गद्दारी करने वालों की जाएगी सदस्यता, संविधान विशेषज्ञों की राय लेकर उपराष्ट्रपति के पास पहुँची आम आदमी पार्टी। सियासी घमासान: पंजाब के भरोसे और पार्टी की साख पर छिड़ी जंग, क्या चड्ढा का दांव बचा पाएगा बागी सांसदों की राज्यसभा कुर्सी?

Raghav chaddha: आम आदमी पार्टी में मचे घमासान के बीच अब आर-पार की जंग शुरू हो गई है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन 7 सांसदों को आड़े हाथों लिया, जिन्होंने पार्टी का साथ छोड़ने का मन बना लिया है। संजय सिंह ने सीधा और सख्त संदेश देते हुए कहा, “अगर पार्टी से इतनी ही दिक्कत है, तो पहले इस्तीफा दो और फिर जहाँ जाना है जाओ।”

क्या सातों सांसदों की सदस्यता जाएगी?

संजय सिंह ने साफ कर दिया है कि इन बागी सांसदों के खिलाफ पार्टी ने कानूनी घेराबंदी कर ली है। उन्होंने बताया कि कपिल सिब्बल जैसे बड़े संविधान विशेषज्ञों से राय लेने के बाद उपराष्ट्रपति (सभापति) को एक याचिका भेजी गई है।  “संविधान के जानकारों ने स्पष्ट कर दिया है कि इन सातों की सदस्यता खत्म होनी तय है। हमने सभापति जी से अनुरोध किया है कि पंजाब की जनता के साथ धोखा करने वाले इन चेहरों पर जल्द से जल्द फैसला लें।”

Raghav chaddha: राघव चड्ढा ने फोड़ा था ‘विलय’ का बम

पूरी कहानी शुक्रवार को शुरू हुई जब राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली की सियासत में भूचाल ला दिया। चड्ढा ने दावा किया कि ‘आप’ के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इन सांसदों के नाम आए सामने: राघव चड्ढा, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी, राजेंद्र गुप्ता, अशोक मित्तल

संविधान का दांव या सियासी खेल?

Raghav chaddha: राघव चड्ढा का तर्क है कि संविधान के मुताबिक, अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में जाते हैं, तो उसे ‘विलय’ माना जाता है और उनकी सदस्यता नहीं जाती। उन्होंने इस संबंध में राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को पत्र भी सौंप दिया है। हालांकि, संजय सिंह ने इसे पंजाब के लोगों के साथ गद्दारी बताया है। उन्होंने कहा कि जिस जनता ने ‘आप’ के नाम पर वोट दिया, ये सांसद उसे धोखा दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि उपराष्ट्रपति का फैसला ‘झाड़ू’ के कुनबे को बचाता है या चड्ढा का ‘दो-तिहाई’ वाला दांव कामयाब होता है।

 

यह भी पढ़ें: दिल्ली एयरपोर्ट पर मची अफरा तफरी, रनवे पर दौड़ते विमान से निकलने लगा धुआं

Related Articles

Back to top button