सिक्किम में भूकंप के दो झटके, गंगटोक में सुबह-सुबह हिली धरती

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच इजरायल-भारत के बीच हाई लेवल बातचीत ईरान पर इजरायल के गंभीर आरोप, वैश्विक खतरे की जताई आशंका दोनों पक्षों से रिश्ते मजबूत, भारत के लिए संतुलन बड़ी चुनौती

Earthquake: शुक्रवार तड़के सिक्किम के गंगटोक में भूकंप के दो हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

 

सुबह 4 बजे के आसपास लगे झटके

अधिकारियों के मुताबिक, पहला भूकंप सुबह 4:26 बजे आया जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 दर्ज की गई। इसका केंद्र गंगटोक से करीब 10.7 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में और 5 किलोमीटर की गहराई पर था।

 

दूसरा झटका भी कुछ देर बाद

इसके बाद दूसरा झटका भी महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 2.7 रही। यह भूकंप गंगटोक से लगभग 11.2 किलोमीटर पश्चिम में और 10 किलोमीटर की गहराई पर आया।

 

कोई नुकसान नहीं, लोग सुरक्षित

प्रशासन के अनुसार, राज्य के किसी भी हिस्से से जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। हालात पूरी तरह सामान्य हैं।

 

क्यों आते हैं भूकंप?

दरअसल, धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो ऊर्जा निकलती है और भूकंप आता है।

 

भारत में भूकंप के जोन समझिए

भारत को भूकंप के खतरे के हिसाब से 4 जोन में बांटा गया है—जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5। इनमें जोन-5 सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। दिल्ली जोन-4 में आती है, जहां तेज भूकंप का खतरा बना रहता है।

 

रिक्टर स्केल से कैसे मापते हैं तीव्रता?

भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है। 3 से 4 तक के झटके हल्के होते हैं, जबकि 7 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप भारी तबाही ला सकते हैं।

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