मिडिल ईस्ट तनाव पर पीएम मोदी एक्टिव, ओमान और मलेशिया के नेताओं से की अहम बातचीत

मिडिल ईस्ट तनाव पर पीएम मोदी की कूटनीतिक पहल तेज ओमान और मलेशिया के नेताओं से शांति बहाली पर चर्चा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित नौवहन पर भारत का जोर

Pm modi: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत की कूटनीति लगातार एक्टिव नजर आ रही है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को ओमान के सुल्तान Haitham bin Tariq और मलेशिया के प्रधानमंत्री Anwar Ibrahim से बातचीत कर हालात पर चर्चा की। दोनों नेताओं के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने साफ कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे बड़ा रास्ता है। साथ ही तीनों देशों ने मिलकर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया।

ओमान के सुल्तान से क्या हुई बात?

पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बातचीत के दौरान उन्हें ईद की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि भारत और ओमान दोनों ही खाड़ी क्षेत्र में शांति बनाए रखने के पक्ष में हैं। इसके साथ ही पीएम ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया और वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन की जरूरत पर भी जोर दिया, जो वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।

Pm modi: मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी अहम चर्चा

मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम से बातचीत के दौरान भी पीएम मोदी ने ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि जल्द से जल्द शांति बहाल होनी चाहिए। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीतिक प्रयास ही सबसे बेहतर विकल्प हैं।

लगातार एक्टिव है भारत की कूटनीति

Pm modi: खाड़ी में संघर्ष शुरू होने के बाद से पीएम मोदी कई देशों के नेताओं से बातचीत कर चुके हैं। इसमें सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, जॉर्डन, इजरायल और ईरान जैसे देश शामिल हैं।
ओमान के सुल्तान से यह उनकी दूसरी बातचीत है, जो इस बात का संकेत है कि भारत इस पूरे मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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