युद्ध के बीच ईरान में भूकंप, गेराश में 4.3 तीव्रता के झटके
युद्ध के बीच ईरान में 4.3 तीव्रता का भूकंप गेराश के पास रणनीतिक और परमाणु ठिकानों पर नजर तनाव के माहौल में दुनिया की बढ़ी चिंता

Iran crisis: युद्ध और तनाव से गुजर रहे ईरान में अब भूकंप के झटके भी महसूस किए गए हैं। दक्षिणी ईरान के गेराश क्षेत्र में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गेराश की रणनीतिक अहमियत
गेराश दक्षिणी ईरान में एक ऐसे इलाके में स्थित है जो ऊर्जा, बंदरगाह और सैन्य ढांचे को जोड़ने वाले अहम गलियारे का हिस्सा है। गचिन यूरेनियम खदान यह बंदर अब्बास के पास स्थित है और गेराश से लगभग 150-180 किमी दक्षिण-पूर्व में है। यह ईरान के घरेलू यूरेनियम अयस्क स्रोतों में से एक माना जाता है। बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र गेराश से करीब 250-300 किमी उत्तर-पश्चिम में फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है। यह ईरान का एकमात्र कार्यरत नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र है।हालांकि अब तक इन दोनों स्थलों पर किसी भी तरह के नुकसान, व्यवधान या विकिरण की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
मिसाइल शहरों का इलाका
दक्षिणी ईरान, खासकर ज़ाग्रोस पर्वत श्रृंखला से जुड़े क्षेत्र, भूमिगत मिसाइल भंडारण और प्रक्षेपण सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं। ईरानी अधिकारी इन्हें अक्सर “मिसाइल सिटी” कहते हैं। इन ठिकानों को इस तरह तैयार किया गया है कि वे सैन्य हमलों और प्राकृतिक आपदाओं दोनों का सामना कर सकें।
पहले से जंग के हालात
ईरान पहले ही भारी तनाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष में देश को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। हमलों में कई बड़े नेताओं की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिससे देश में अस्थिरता बढ़ी है। इसके बावजूद ईरान ने जवाबी कार्रवाई जारी रखी है और इजरायल समेत कई क्षेत्रों में हमले किए हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को शुरुआती अनुमान से अधिक समय तक जारी रखने में सक्षम है। युद्ध की आग में झुलस रहे ईरान में आए इस भूकंप ने हालात को और गंभीर बना दिया है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र की रणनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए दुनिया की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।



