मणिकर्णिका घाट विवाद, AI फोटो-वीडियो मामले में 8 पर FIR, संजय सिंह और पप्पू यादव का नाम शामिल
AI की मदद से मणिकर्णिका घाट की बताकर फर्जी फोटो-वीडियो किए गए वायरल मामले में 8 लोगों पर FIR, संजय सिंह और पप्पू यादव का नाम भी शामिल पुलिस ने 3 दिन में जवाब मांगा, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

Politics: वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी फोटो और वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए थाना चौक में कुल 8 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। एफआईआर में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव के नाम भी शामिल किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज हैं, उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है।
3 दिन के भीतर मांगा गया जवाब
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। जांच में सामने आया है कि कुछ ऐसी तस्वीरों को भी मणिकर्णिका घाट का बताया गया, जिनका इस घाट से कोई संबंध ही नहीं है। इन्हीं भ्रामक तस्वीरों और वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
Politics: लोकल लोगों के संपर्क में पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और स्थानीय लोगों से लगातार संपर्क में रहा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, घाट पर किए गए सरकारी विकास कार्यों से स्थानीय लोग संतुष्ट हैं और सरकार के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
Politics: पुलिस ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई इन पोस्टों के जरिए हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे आमजन की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। इसके साथ ही समाज में भ्रम, आक्रोश और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया। इस पूरे मामले को लेकर तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के थाना पेरूनाला क्षेत्र के वी. सेतुराजापुरम निवासी मनो द्वारा थाना चौक में लिखित शिकायत दी गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



