डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, हैदराबाद के 81 साल के बुजुर्ग से 7.12 करोड़ की ठगी

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देश में बढ़ रहा साइबर फ्रॉड 81 साल के बुजुर्ग से ठगों ने ऐंठे 7.12 करोड़ रुपए पुलिस अधिकारी बनकर डराने का नया तरीका आया सामने

Hyderabad news: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड के मामले देशभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा मामला हैदराबाद से सामने आया है, जहां ठगों ने 81 साल के एक बुजुर्ग को निशाना बनाकर 7 करोड़ 12 लाख रुपए ठग लिए।

 

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को फोन किया। उन्हें डराया गया कि उनका नाम ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों से जुड़े एक बड़े रैकेट में आया है। वेरिफिकेशन के नाम पर उनसे मोटी रकम ट्रांसफर करवा ली गई।

 

Hyderabad news: कैसे हुई ठगी की शुरुआत?

27 अक्टूबर को पीड़ित को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उसके नाम से मुंबई से थाईलैंड एक पार्सल भेजा गया है। ठगों ने दावा किया कि पार्सल में MDMA ड्रग्स, पासपोर्ट और कई डेबिट-क्रेडिट कार्ड मिले हैं और मामला मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है।

 

Hyderabad news: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर वसूली

इसके बाद एक अन्य कॉलर ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताते हुए बुजुर्ग को बताया कि वह गंभीर अपराधों में शामिल है। उसे कहा गया कि जांच पूरी होने तक वह “डिजिटल अरेस्ट” में है और किसी को भी इस बारे में न बताए। ठगों ने भरोसा दिलाया कि निर्दोष साबित होने पर पूरी रकम वापस कर दी जाएगी।

 

दो महीनों में उड़ गए 7.12 करोड़

डर और दबाव में आकर बुजुर्ग ने करीब दो महीनों में 7.12 करोड़ रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब ठगों ने उससे 1.2 करोड़ रुपए और मांगे, तब उसे शक हुआ। इसके बाद पीड़ित ने 30 दिसंबर को तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

 

पुलिस की अपील

Hyderabad news: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की “डिजिटल अरेस्ट”, पुलिस जांच या पार्सल में अवैध सामान की धमकी मिलने पर तुरंत सतर्क हो जाएं और बिना जांच-पड़ताल किसी को पैसे न भेजें।

 

Related Articles

Back to top button