सनी देओल से पहले धर्मेंद्र बोल गए थे ‘तीन किलो वाले’ डायलॉग की दहाड़, जानें पूरी कहानी
बेटे से पहले बाप ने ही बोला था ‘ताकत वाला’ डायलॉग धर्मेंद्र का असली तीन-किलो वाला पंच जिसने बाद में सनी देओल को बना दिया आइकॉनिक

धर्मेंद्र सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं थे, बल्कि अपनी दमदार बॉडी, जबरदस्त स्क्रीन प्रेज़ेंस और रौबदार अंदाज़ की वजह से इंडस्ट्री के असली माचो मैन कहलाते थे। उनकी शख़्सियत ऐसी थी कि बड़े-बड़े एक्टर भी उनके सामने फीके पड़ जाते। यह दबदबा उनके किरदारों में भी साफ़ दिखता था, और शायद यही रौब उनके बड़े बेटे सनी देओल तक भी पहुंचा। हम सभी सनी देओल का मशहूर डायलॉग “ये ढाई किलो का हाथ…” जानते हैं। आज भी लोग इस पर रीलें बनाते नहीं थकते। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि सनी से बहुत पहले धर्मेंद्र खुद एक फिल्म में ऐसा ही दमदार डायलॉग बोल चुके थे!
धर्मेंद्र का असली ‘तीन किलो वाला’ डायलॉग
1972 में आई सुपरहिट फिल्म सीता और गीता में धर्मेंद्र ने कहा था, “जिस दिन ये 3 किलो का हाथ पड़ गया ना, फिल्म के पोस्टर की तरह दीवार पर चिपका दूंगा।” यानि जहां सनी देओल ने ढाई किलो की धमकी दी, वहीं धर्मेंद्र का हाथ तो सीधे तीन किलो का था! बाद में 1993 की दामिनी में सनी देओल ने अपने डायलॉग से थिएटर हिला दिया और बाप-बेटे के ये दोनों पंचलाइन आज भी फैंस के लिए यादगार बन चुके हैं।
धर्मेंद्र की हिट फिल्मों का सफर
धर्मेंद्र ने 1960 में दिल भी तेरा हम भी तेरे से बॉलीवुड में एंट्री की थी, जिसमें उन्होंने एक बॉक्सर का किरदार निभाया था। शुरुआती दौर में उन्हें बहुत बड़ी पहचान नहीं मिली, लेकिन 1966 में आई फूल और पत्थर ने उनकी किस्मत बदल दी,और वे रातों-रात सुपरस्टार बन गए। 1971 में रिलीज़ हुई मेरा गांव मेरा देश ने उन्हें एक और मेगा-ब्लॉकबस्टर दी। खाकी वर्दी में धर्मेंद्र और विलेन के रूप में विनोद खन्ना, ये कॉम्बिनेशन लोगों ने बेहद पसंद किया। गाने हों या कहानी, यह फिल्म आज भी क्लासिक मानी जाती है। कहा जाता है कि इसी फिल्म से प्रेरित होकर बाद में शोले बनाई गई, जो भारतीय सिनेमा का इतिहास बदल गई।



