आरजेडी में बिखराव चरम पर: परिवार की कलह से भड़का नया बवाल
परिवार की जंग से सड़क तक पहुंचा आरजेडी का घमासान हार के बाद पार्टी में बढ़ी तकरार, नेता भी खामोश समीक्षा बैठक में उठे सवाल, क्या नतीजों में थी गड़बड़ी?

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद आरजेडी के भीतर बिखराव खुलकर सामने आ गया है। चुनावी नतीजों से लगी चोट अभी भरी भी नहीं थी कि पार्टी अब परिवार और संगठन, दोनों मोर्चों पर नई मुश्किलों में घिरती दिख रही है।
परिवार की कलह ने बढ़ाई टेंशन
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर भाई तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज पर उन्हें घर से निकालने का आरोप लगाकर हलचल मचा दी। अंदरूनी तनाव पहली बार इतने खुले तौर पर सामने आया है।
सड़क पर उतरे नाराज़ कार्यकर्ता
सोमवार शाम राबड़ी देवी के आवास के बाहर आरजेडी के पुराने कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद संजय यादव के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। नारे गूंजे, “संजय यादव मुर्दाबाद” और “संजय यादव हरियाणा जाओ”। कार्यकर्ताओं ने चुनावी हार के लिए सीधे संजय यादव को जिम्मेदार बताया।
लालू-राबड़ी की चुप्पी से बढ़ी बेचैनी
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और अन्य वरिष्ठ नेता, सारे विवाद पर चुप हैं। चुनावी हार और परिवार की टकराहट ने आरजेडी की राजनीतिक जमीन को और अस्थिर कर दिया है। राबड़ी आवास, जो आमतौर पर राजनीतिक हलचल का केंद्र रहता है, सोमवार को असामान्य रूप से शांत रहा।
चुनावी हार पर आरजेडी की समीक्षा बैठक
हार के बाद आरजेडी की अहम बैठक हुई, जिसमें माना गया कि पार्टी अपनी बात जनता तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंचा पाई। इसी बैठक में तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया और सभी विधायकों ने उन्हें समर्थन दिया।
‘ये नतीजे सामान्य नहीं’—नेताओं का दावा
कुछ आरजेडी नेताओं ने दावा किया कि “ऐसा परिणाम बिना किसी गड़बड़ी के संभव ही नहीं है।” पार्टी अब कानूनी विकल्प पर भी विचार कर रही है। इस बैठक में विजयी और हारे उम्मीदवारों के साथ-साथ लालू, राबड़ी और मीसा भारती भी मौजूद रहीं।
महागठबंधन का हाल—आंकड़े बताते सबकुछ
आरजेडी — 143 में से सिर्फ 25 सीटें, कांग्रेस — 6 सीटें, CPI(ML) — 2 सीटें, CPI(M) — 1 सीट, इंडियन इन्क्लुसिव पार्टी — 1 सीट, VIP — क्लीन स्वीप आउट



