लाल किला ब्लास्ट: जांच में चौंकाने वाला खुलासा!
फॉरेंसिक टीम को मिले 48 अहम सैंपल i20 कार से मिला बड़ा सुराग डॉक्टर उमर की भूमिका पर जांच तेज़

दिल्ली में लाल किले के सामने हुए धमाके की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। फॉरेंसिक टीम को शुरुआती जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। टीम के मुताबिक, ब्लास्ट में इस्तेमाल बम को डॉ. उमर नाम का शख्स तैयार कर रहा था, जो विस्फोटक बनाने में एक्सपर्ट माना जाता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि धमाके के दौरान मौजूद i20 कार से लगभग 60% एक्सहिबिट बरामद किए गए, जिनसे पूरी घटना की कड़ी जुड़ती दिखाई दे रही है। टीम को मौके से पतले तार, डेटोनेटर और टाइमर डिवाइस भी मिले हैं। इससे साफ है कि धमाके को टाइमर के जरिए अंजाम दिया गया था।
48 सैंपल बरामद – बम किस जगह तैयार हुआ, जांच जारी
सूत्रों के मुताबिक फॉरेंसिक टीम को अब तक कुल 48 सैंपल मिले हैं। इन्हीं से बम की संरचना और इस्तेमाल किए गए केमिकल्स के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती अंदाज़ों में पता चला है कि बम अमोनियम नाइट्रेट को अन्य विस्फोटकों के साथ मिलाकर बनाया गया था, जिसे तैयार करने में ज़्यादा समय नहीं लगता। अब जांच एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि डॉ. उमर ने बम आखिर कहां तैयार किया? क्या यह बम लाल किले की पार्किंग में मौजूद रहने के 3 घंटों के दौरान वहीं तैयार किया गया? या फिर यह किसी दूसरी जगह पर पहले से ही बना हुआ था? इन सवालों के जवाब अब आगे की जांच से मिलेंगे।
नौगाम में भी धमाका – 9 लोगों की मौत
इसी बीच, श्रीनगर के नौगाम थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, फरीदाबाद से जब्त किए गए विस्फोटक को जब नौगाम पुलिस स्टेशन में जांच के लिए रखा गया था, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया । इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। मामले पर जम्मू-कश्मीर DGP और गृह मंत्रालय ने अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं। गृह मंत्रालय ने साफ किया कि नौगाम का धमाका आतंकी वारदात नहीं, बल्कि एक दुर्घटना है। DGP ने भी इसकी पुष्टि की और बताया कि सभी घायल लोगों का इलाज जारी है।



