लाल किले धमाके की कड़ी निंदा, नागरिकों ने कहा, आतंक का कोई धर्म नहीं होता
लाल किला धमाके पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों की एकजुट आवाज, कहा, यह हमला भारत की साझी विरासत पर वार है

नई दिल्ली, 13 नवंबर 2025: देश के ऐतिहासिक लाल किले पर हुए हालिया बम धमाके की “सिटिज़न्स फॉर फ्रैटर्निटी (CFF)” नामक संगठन ने कड़ी निंदा की है। संगठन से जुड़े कई प्रमुख मुस्लिम बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि यह नृशंस कृत्य सिर्फ एक इमारत पर नहीं, बल्कि पूरे भारत के साझा इतिहास और एकता पर हमला है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है:
“हम, भारत के चिंतित मुस्लिम नागरिकों का एक समूह, लाल किले पर हाल में हुए बम धमाके की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। यह घृणित कृत्य हमारे राष्ट्र और हमारी साझा विरासत पर हमला है। भारतीय मुसलमान हर प्रकार के आतंक के खिलाफ एकजुट हैं। ऐसे अपराधों को किसी भी समुदाय या कश्मीरी भाइयों से जोड़ना न केवल अनुचित है, बल्कि उनके दर्द को और बढ़ाने वाला भी है। वे हमारे भारतीय परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं।”
इस बयान पर दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल और जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व कुलपति डॉ. नजीब जंग, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस.वाई. कुरैशी, पूर्व उप सेना प्रमुख ले. जनरल जमीर उद्दीन शाह (सेवानिवृत्त), उद्योगपति सईद मुस्तफा शेरवानी, और पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी के हस्ताक्षर हैं।
CFF के बारे में
सिटिज़न्स फॉर फ्रैटर्निटी (Citizens for Fraternity) एक सामाजिक पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में संवाद स्थापित करना और विभाजनों को मिटाना है। यह संगठन भारत की आत्मा के अनुरूप एक बेहतर, दयालु और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सभी नागरिकों को जोड़ने का प्रयास करता है।



