स्मिता पाटिल की अंतिम इच्छा, “मुझे सुहागन जैसा तैयार कर देना” मेकअप आर्टिस्ट ने याद किया भावुक पल
स्मिता पाटिल की आखिरी ख्वाहिश थी कि वो मरने के बाद भी सुहागन के रूप में सजाई जाएं। मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने रोते हुए उनकी यही इच्छा पूरी की और उन्हें उनके आखिरी सफर पर खूबसूरत बनाकर विदा किया।

नई दिल्ली: बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री स्मिता पाटिल अपनी शानदार अदाकारी के लिए आज भी याद की जाती हैं। उनकी फिल्मों से लेकर उनकी निजी ज़िंदगी तक हर बात ने लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अपनी मौत से पहले उन्होंने एक ऐसी इच्छा जताई थी, जिसने सभी को भावुक कर दिया था, वो मरने के बाद भी “सुहागन” जैसी दिखना चाहती थीं। हाल ही में मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने इस इच्छा से जुड़ा वो आखिरी पल याद किया है।
मेकअप आर्टिस्ट ने बताया, कैसा था स्मिता पाटिल का लास्ट मेकअप
हाल ही में दीपक सावंत यूट्यूब चैनल ‘Reel Meets Real’ पर नज़र आए, जहाँ उन्होंने स्मिता पाटिल के जीवन से जुड़ी कई अनसुनी बातें साझा कीं। दीपक ने बताया कि स्मिता अक्सर कहा करती थीं , “जब मेरी मृत्यु हो, तो मुझे सुहागन बनाकर ले जाना।”
वो आगे बताते हैं, “मैं उन्हें हमेशा डांट देता था कि ऐसी बातें मत कहा करो, लेकिन वो बार-बार यही कहती थीं। यहां तक कि अपनी माँ से भी यही कहती थीं, और माँ भी उन्हें समझाती थीं।”
अमिताभ बच्चन के सामने सुहागन बनी थीं स्मिता पाटिल
दीपक सावंत ने कहा, “जब स्मिता का निधन हुआ, वो पल हमारे लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। जब उनका पार्थिव शरीर मेरे सामने आया, तो उनकी वही बात मेरे कानों में गूँजने लगी। फिर मैंने ही उनका ‘आखिरी मेकअप’ किया।”
उन्होंने बताया कि उस वक्त उनकी बहन शिकागो से लौट रही थीं, इसलिए दो-तीन दिन का समय लग गया। इस दौरान स्मिता का शरीर बर्फ पर रखा गया था और वो सूज गया था।
दीपक ने आगे कहा, “उनकी माँ ने मुझे एक मेकअप किट दी और अमिताभ बच्चन समेत कई लोग वहाँ मौजूद थे। उनकी माँ ने कहा , ‘उनकी इच्छा थी कि वो सुहागन के रूप में जाएं।’ मैं रो पड़ा और रोते हुए उनका मेकअप किया। उस दिन मैंने उन्हें बेहद खूबसूरत बनाकर विदा किया।”
बेटे के जन्म के बाद हुआ था स्मिता पाटिल का निधन
स्मिता पाटिल ने बेटे प्रतीक बब्बर को जन्म देने के कुछ समय बाद ही दुनिया को अलविदा कह दिया था। उस वक्त उनकी शादी अभिनेता राज बब्बर से हुई थी। स्मिता के निधन के बाद प्रतीक का पालन-पोषण उनकी माँ और परिवार ने ही किया।



