उमर खालिद पर दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, “बेकसूर है, तुरंत रिहाई होनी चाहिए”

दिग्विजय सिंह ने उमर खालिद को बताया “निर्दोष”, कहा- पांच साल से बिना सबूत जेल में बंद हैं। बीजेपी ने किया पलटवार, कहा- “दिग्विजय सिंह आतंकवादियों के समर्थक बन चुके हैं।” सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई जारी है।

नई दिल्ली: फरवरी 2020 में दिल्ली के उत्तर-पूर्वी हिस्से में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले में आरोपी उमर खालिद को लेकर कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उमर खालिद को “बेकसूर” बताया और उसकी तुरंत रिहाई की मांग की। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उमर खालिद एक पीएचडी स्कॉलर, बेहद पढ़े-लिखे और संवेदनशील व्यक्ति हैं, और उनके खिलाफ अब तक कोई आरोप साबित नहीं हुआ है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा,

 “बेल एक अधिकार है, जेल अपवाद”

लेकिन उमर के मामले में यह बात लागू नहीं हो रही।

 

 

बीजेपी का पलटवार: “दिग्विजय सिंह आतंकवादियों के समर्थक बन चुके हैं”

दिग्विजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में अदालतें सुनवाई की तारीखें लगातार टाल रही हैं, और उमर पिछले साढ़े पांच साल से जेल में हैं। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय ही है।

 

 

उनके इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

मध्यप्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह का व्यवहार अब किसी “पाकिस्तानी और विदेशी” जैसा लगने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं और उन्हें “जी” कहकर संबोधित करते हैं। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि

“अगर कांग्रेस खुद को बचाना चाहती है, तो दिग्विजय सिंह को पार्टी से दूर रखे।”

 

 

उमर खालिद पर लगे हैं गंभीर आरोप

आपको बता दें कि 13 सितंबर 2020 को उमर खालिद को दिल्ली दंगों की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज है। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि 2020 के दंगे अचानक नहीं भड़के, बल्कि यह एक “रेजिम-चेंज ऑपरेशन” यानी सत्ता परिवर्तन की साजिश थी। पुलिस का दावा है कि इन दंगों का मकसद देश को अस्थिर करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था।

 

 

सुप्रीम कोर्ट में जमानत पर चल रही सुनवाई

पुलिस ने हलफनामे में यह भी कहा कि उमर खालिद और अन्य आरोपियों ने जानबूझकर अदालत की कार्यवाही में देरी की, और उनके खिलाफ तकनीकी, दस्तावेजी और गवाहों के बयान जैसे ठोस सबूत मौजूद हैं।

पुलिस का यह भी कहना है कि यह साजिश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान रची गई थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान इस ओर खींचा जा सके।

वहीं, उमर खालिद के वकीलों का तर्क है कि उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है और इतने लंबे समय तक बिना ट्रायल जेल में रखना न्याय के खिलाफ है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई जारी है।

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