बिहार चुनाव में छिड़ी भाई बनाम भाई की महाभारत,राघोपुर में तेजस्वी तो महुआ में तेजप्रताप आमने-सामने
लालू यादव के दोनों बेटों के बीच सियासी जंग अब खुली जंग में बदल चुकी है। तेजप्रताप ने राघोपुर में भाई तेजस्वी के खिलाफ मोर्चा खोला, गीता का श्लोक पढ़ कहा—पापियों का नाश करने आया हूं। दोनों भाइयों की इस राजनीतिक महाभारत में अब जनता बनेगी सबसे बड़ी निर्णायक।


बिहार: बिहार की सियासत में इस बार का चुनावी रण किसी महाभारत से कम नहीं दिख रहा है। एक तरफ लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव हैं, तो दूसरी तरफ बड़े भाई तेज प्रताप यादव, जो अब अपने ही भाई के खिलाफ मैदान में उतर चुके हैं।
तेज प्रताप यादव ने राघोपुर में हेलीकॉप्टर से उतरते ही कृष्ण की भूमिका निभाते हुए गीता का श्लोक पढ़ा और कहा “मैं पापियों का नाश करने आया हूं।” तेज प्रताप ने तंज कसते हुए कहा, “मेरा भाई अर्जुन नहीं बना, अब राघोपुर में मेरा उम्मीदवार अर्जुन बनकर तेजस्वी से टक्कर लेगा।”
बिहार चुनाव में इन दो भाइयों की राजनीतिक लड़ाई अब खुले संघर्ष का रूप ले चुकी है। यहां कोई अस्त्र-शस्त्र नहीं, लेकिन शब्दों के बाण इस कदर चल रहे हैं कि यह जंग अब निजी दुश्मनी का रूप लेती दिख रही है।
तेजस्वी यादव जहां पार्टी और परिवार के साथ खड़े हैं, वहीं तेज प्रताप यादव ने खुद को अलग कर अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल बना ली है। तेज प्रताप इस बार महुआ सीट से चुनाव मैदान में हैं। दिलचस्प बात यह है कि तेजस्वी ने महुआ में अपने बड़े भाई के खिलाफ प्रचार किया, जबकि तेज प्रताप ने राघोपुर में छोटे भाई के खिलाफ चुनावी रैली निकाली।
सभा में तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी पर सीधा हमला बोला “कुछ नेता जनता को भरमाने का काम कर रहे हैं, कहते हैं पार्टी सबकुछ होती है, लेकिन मैं कहता हूं जनता सबकुछ होती है। जनता ही पार्टी बनाती है और गिराती है, जनता ही सरकार बनाती है और चलाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “तेजस्वी यादव तो बच्चे हैं, उनके पास बुद्धि नहीं है। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें सद्बुद्धि दें।” साथ ही तेज प्रताप ने तेजस्वी को “बहरूपिया” बताते हुए कहा, “हरा गमछा वाला सब फर्जी है, असली लालू जी की पार्टी तो जनशक्ति जनता दल है।”
अब यह साफ है कि बिहार की राजनीति में लालू यादव के दोनों बेटों के बीच यह जंग किसी पारिवारिक विवाद से कहीं आगे निकल चुकी है। जनता के बीच दोनों भाई अपने-अपने अंदाज में समर्थन जुटाने में लगे हैं, और इस राजनीतिक महाभारत का नतीजा आने वाला वक्त ही बताएगा।



