कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज, सिद्दारमैया ने दी तीखी प्रतिक्रिया


कर्नाटक में सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता परिवर्तन की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री के तल्ख बयान और दलित सीएम की मांग ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

बेंगलुरु: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार इस महीने के अंत तक मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इस पर सिद्दारमैया के तल्ख जवाब ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।

सिद्दारमैया का गुस्सा: “आपको किसने बताया?”

कथित सत्ता साझेदारी के फॉर्मूले के तहत नवंबर में मुख्यमंत्री पद बदलने की खबरों पर सिद्दारमैया भड़क गए। पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा—“क्या शिवकुमार ने आपसे यह कहा?” इसके बाद वे नाराज होकर मीडिया से चले गए।

दरअसल, 20 नवंबर को मौजूदा सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसी को लेकर अनुमान लगाए जा रहे हैं कि शिवकुमार सत्ता संभाल सकते हैं।

सत्ता साझा करने का फॉर्मूला या राजनीतिक सस्पेंस

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस हाईकमान ने सरकार बनाते समय सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच ढाई–ढाई साल का सीएम फॉर्मूला तय किया था।

अब जब पहला कार्यकाल पूरा हो रहा है, तो सत्ता परिवर्तन की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। हालांकि, अभी तक पार्टी ने आधिकारिक रूप से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

दोनों नेताओं के रिश्तों पर सवाल

सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच मतभेदों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि शिवकुमार की महत्वाकांक्षा स्पष्ट है, लेकिन वे सार्वजनिक रूप से सिद्दारमैया के खिलाफ नहीं बोल रहे।

सामाजिक कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा ने कहा कि यह मामला सिर्फ सीएम, पार्टी अध्यक्ष और हाईकमान के बीच है।

दलित मुख्यमंत्री की भी उठी मांग

सिद्धारमैया की जगह दलित नेता को मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठने लगी है। मंत्री महादेवप्पा ने कहा कि “दलित मुख्यमंत्री का आंदोलन जारी रहेगा, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान का होगा।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस दलितों के हक में है और नेतृत्व सभी विकल्पों पर नजर रख रहा है।

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