मुंबई स्टूडियो में बच्चों को बनाया बंधक, पुलिस फायरिंग में आरोपी की मौत
मुंबई के पवई स्थित आरए स्टूडियो में 17 बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपी रोहित आर्य की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस ने बाथरूम के रास्ते अंदर घुसकर सभी बच्चों को सुरक्षित बचाया। आरोपी ने वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जताई थी।

मुंबई: मुंबई के पवई स्थित आरए स्टूडियो में गुरुवार को सनसनीखेज घटना हुई, जब 17 बच्चों को बंधक बना लिया गया। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय रोहित आर्य के रूप में हुई, जो स्टूडियो में ही काम करता था। उसने एक वीडियो जारी कर कहा कि वह आत्महत्या करने की बजाय अपनी “नैतिक मांगों” के लिए यह कदम उठा रहा है। वीडियो में उसने धमकी दी कि अगर उकसाया गया, तो वह स्टूडियो में आग लगा देगा।
पुलिस ने किया रेस्क्यू, आरोपी की गोली लगने से मौत
दोपहर करीब 1:45 बजे पुलिस को बच्चों के अभिभावकों से सूचना मिली। पुलिस ने पहले आरोपी से बातचीत की कोशिश की, लेकिन जब बातचीत विफल रही, तो बाथरूम के रास्ते अंदर प्रवेश किया। सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया। बचाव अभियान के दौरान पुलिस ने रोहित पर गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौके से मिला केमिकल और एयर गन
पुलिस को घटनास्थल से एयर गन और कुछ केमिकल्स मिले हैं। फॉरेंसिक टीम मौके से सबूत इकट्ठा कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।
ठेकेदार था आरोपी, बकाया भुगतान को लेकर था परेशान
रोहित आर्य मूल रूप से पुणे का रहने वाला था और चैंबूर में रहता था। वह एक ठेकेदार था और सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़े निर्माण कार्य करता था। उसका दावा था कि एक सरकारी स्कूल के निर्माण कार्य का करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी तनाव में उसने यह कदम उठाया।
सरकार और पुलिस का बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मामले की पूरी जानकारी जल्द साझा की जाएगी। पुलिस ने बताया कि यह बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान था, लेकिन बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही।



