मोदी कैबिनेट ने दी 8वें वेतन आयोग को मंजूरी, कर्मचारियों की सैलरी 2026 से बढ़ेगी
केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। आयोग की अध्यक्षता पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। 2027 तक प्रक्रिया पूरी होगी, जबकि बढ़ा हुआ वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आयोग के नियम और शर्तों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
पूर्व न्यायाधीश होंगी चेयरमैन
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उनके साथ आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन सदस्य होंगे। आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे की समीक्षा करेगा।
2027 तक पूरी होगी प्रक्रिया
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोग की सिफारिशों की प्रक्रिया 2027 तक पूरी होगी, हालांकि इसका लाभ 1 जनवरी 2026 से मिलना शुरू हो जाएगा। कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का एरियर भी दिया जाएगा।
लाखों कर्मचारियों को फायदा
आठवें वेतन आयोग से 50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनर्स को लाभ होगा। इससे बेसिक सैलरी में महत्वपूर्ण इजाफा तय माना जा रहा है।
फिटमेंट फैक्टर से तय होगी नई सैलरी
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक होता है जिससे मौजूदा वेतन को गुणा कर नई सैलरी तय की जाती है। इस बार इसका अनुमान 1.92 से 2.86 के बीच है, हालांकि 1.96 का आंकड़ा सबसे प्रचलित है। यदि मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो 1.96 गुणक से नई बेसिक सैलरी लगभग 35,000 रुपये के करीब हो सकती है।
जनवरी 2025 में मिली थी सैद्धांतिक मंजूरी
सरकार ने जनवरी 2025 में ही आयोग के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। अब औपचारिक मंजूरी के बाद आयोग 18 महीनों में अपनी सिफारिशें पेश करेगा, जिन पर केंद्र सरकार अंतिम निर्णय लेगी।



