काकीनाडा तट से आज टकराएगा चक्रवात ‘मोंथा’, सरकार अलर्ट; ओडिशा-बंगाल में भी सतर्कता
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मोंथा’ आज आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से टकराएगा। छह राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। प्रशासन ने 50 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और राहत दल तैनात किए हैं।

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा निम्न दबाव अब चक्रवात ‘मोंथा’ में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह मंगलवार शाम या रात तक काकीनाडा तट से टकरा सकता है। हवाओं की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। तटीय इलाकों से 50 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मुस्तैद हैं।
मछुआरों को चेतावनी, स्कूल–कॉलेज बंद
मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले पांच दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। चक्रवात 17 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। आंध्र और ओडिशा में आपातकालीन कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं। प्रभावित जिलों में स्कूल–कॉलेज बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
ओडिशा–तमिलनाडु में तैनात राहत दल
ओडिशा सरकार ने 123 अग्निशमन इकाइयों को तैनात किया है और आठ जिलों को रेड जोन घोषित किया है। ओडीआरएएफ की टीमें नावों, मोटर राफ्ट और जनरेटर से लैस हैं।
तमिलनाडु के चेन्नई, रानीपेट, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है, जो अगले दो दिनों तक जारी रह सकती है।
केरल और तेलंगाना में असर
केरल में तेज बारिश और बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है। तेलंगाना में भी पेड्डापल्ली, भूपलपल्ली और आदिलाबाद जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल में भूस्खलन की आशंका
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा जताया गया है। दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।



