‘योगी सरकार की अर्थी निकालो’ बयान पर मचा बवाल, सुल्तानपुर के सीएमएस भास्कर प्रसाद सस्पेंड, FIR भी दर्ज
“योगी सरकार की अर्थी निकालो” टिप्पणी पर सुल्तानपुर के सीएमएस डॉ. भास्कर प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। भाजपा नेता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई, जबकि कांग्रेस ने सरकार को तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

सुल्तानपुर: जिले के बिरसिंहपुर अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. भास्कर प्रसाद का “योगी सरकार की अर्थी निकालो” वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। डॉक्टर साहब का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। राज्यपाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के एसीएस अमित कुमार घोष ने डॉ. भास्कर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उन्हें एडी अयोध्या कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
एफआईआर और जांच शुरू
भाजपा मंडल अध्यक्ष शोभनाथ यादव की तहरीर पर जयसिंहपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है। यादव ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर बातचीत के दौरान सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं और पुतला फूंकने की सलाह दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो और बयान दोनों की जांच की जा रही है।
AAP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन बना विवाद की जड़
अस्पताल में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता वंशराज दुबे अस्पताल की खामियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान डॉ. भास्कर उनसे बातचीत के लिए पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर उन्होंने विवादित टिप्पणी की। इस बयान के बाद रविवार को एडी अयोध्या ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता वरुण मिश्र ने सीएमएस के निलंबन को “सरकार की हताशा” बताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने अस्पताल की वास्तविक स्थिति बताई थी। सरकार को सुधार पर ध्यान देना चाहिए, न कि आवाज उठाने वालों को सजा देना। मिश्र ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे सड़क पर उतरकर सीएमएस का समर्थन करेंगे।
डॉ. भास्कर का स्पष्टीकरण
डॉ. भास्कर प्रसाद ने सफाई दी कि उनका बयान तोड़–मरोड़कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि वे एसडीएम के निर्देश पर ज्ञापन लेने गए थे और वीडियो साजिश के तहत बनाया गया। “मैं सरकार का विरोध क्यों करूंगा?” उन्होंने कहा, “मेरे शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया।”



