बेबी रानी मौर्य की कार ट्रक से टकराई | एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा का गंभीर सवाल

बेबी रानी मौर्य की कार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ट्रक से टकराई, मंत्री सुरक्षित रहीं। डायवर्जन पर संकेतों की कमी कारण रही। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। हादसे ने यूपीडा की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य की कार का आगरालखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण एक्सीडेंट हो गया। हादसा कठफोरी गांव के पास, किलोमीटर 56 पर हुआ।

ख़बरों के अनुसार, मंत्री की कार का ट्रक से टकराव हुआ। मंत्री सुरक्षित रहीं, लेकिन उनका काफिला एक्सप्रेसवे पर रुक गया। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

डायवर्जन संकेतों की कमी से हादसा

जानकारी मिली कि मंत्री शुक्रवार देर शाम लखनऊ की ओर जा रही थीं।

वर्तमान निर्माण कार्य के कारण एक्सप्रेसवे पर डायवर्जन बनाया गया था, लेकिन वहाँ स्पष्ट संकेत या साइन बोर्ड नहीं लगे थे।

इस वजह से मंत्री की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे फिसली और ट्रक से टकरा गई।

 

पुलिस ने संभाली सुरक्षा

घटना की सूचना मिलते ही सिरसागंज के क्षेत्राधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

उन्होंने मंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित की और यातायात नियंत्रित किया ताकि जाम न बने।

मंत्री को दूसरी गाड़ी से लखनऊ के लिए रवाना किया गया।

मंत्री ने जताई नाराजगी

हादसे के बाद बेबी रानी मौर्य ने UPEIDA अधिकारियों पर नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि डायवर्जन पर स्पष्ट चिन्ह न होना गंभीर लापरवाही है और इससे किसी की जान भी जा सकती थी।

मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।

जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय प्रशासन ने पूरी जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क किनारे हटाकर यातायात सामान्य कर दिया।

आगरालखनऊ एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्ड और डायवर्जन संकेतों की कमी के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।

मंत्री की गाड़ी के हादसे ने यूपीडा की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाथरस कार्यक्रम में भागी मंत्री

हादसे से कुछ घंटे पहले मंत्री हाथरस जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुई थीं।

उन्होंने कहा कि देश की एकता को बढ़ाने के लिए राज्य में 31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक पदयात्राएं निकाली जाएंगी।

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