दिवाली की रात लखनऊ में घुटी सांसें, AQI 1317 पहुंचा; दिल्ली भी छूटी पीछे
दिवाली की रात लखनऊ की हवा जहरीली हो गई। शहर का AQI 1317 पहुंच गया, जो ‘हैजर्डस जोन’ में आता है। दिल्ली 991 के AQI के साथ दूसरे स्थान पर रही। आतिशबाजी, कम हवा की रफ्तार और तापमान ने प्रदूषण स्तर को छह गुना बढ़ा दिया।

लखनऊ: दिवाली की रात लखनऊ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। सोमवार–मंगलवार रात शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 1317 तक पहुंच गया, जबकि दिल्ली का स्तर 991 रहा। यह पिछले पांच वर्षों में लखनऊ का सबसे ऊंचा प्रदूषण स्तर है। गोमती नगर, अलीगंज, लालबाग, चारबाग और इंदिरा नगर जैसे क्षेत्रों में हवा “स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक” श्रेणी में रही।
आतिशबाजी और वाहनों से बढ़ा जहर
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली की रात भारी मात्रा में हुई आतिशबाजी और वाहनों के उत्सर्जन से प्रदूषण में तेज़ उछाल आया। शहर में PM10 का स्तर 374 और PM2.5 का स्तर 284 दर्ज हुआ, जो सामान्य सीमा से करीब छह गुना अधिक है।
पांच वर्षों में सबसे खराब अक्टूबर
इस साल अक्टूबर का महीना भी लखनऊ के लिए सबसे प्रदूषित साबित हुआ है। 19 अक्टूबर को शहर का AQI 173 दर्ज हुआ, जो पांच वर्षों में सबसे ऊंचा रहा।
पिछले वर्षों के अक्टूबर औसत AQI:
- 2021: 177
- 2022: 186
- 2023: 152
- 2024: 130
- 2025: 173
2022 में 27 अक्टूबर को AQI 209 रहा था, जबकि 6 अक्टूबर को सबसे स्वच्छ हवा (AQI 40) दर्ज की गई थी।
मौसम ने भी बिगाड़ी हवा
रात में 23 डिग्री तापमान, 100% नमी और सिर्फ 4 किमी प्रति घंटे की हवा के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंस गए। इस कारण वायु गुणवत्ता ‘हैजर्डस जोन’ में चली गई।
डॉक्टरों की चेतावनी और अपील
डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
प्रदूषण बोर्ड की निगरानी जारी
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि दीपावली के बाद वायु गुणवत्ता की निगरानी जारी है। लोगों से अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचने और अधिक पेड़ लगाने की अपील की गई है।



