बड़ी खबर: यूथ कांग्रेस ने RSS कार्यालय घेरा, भयंकर बवाल.. “मैं RSS से नफरत करता हूँ” कहकर युवक ने दी जान!

केरल के तिरुवनंतपुरम में एक 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आत्महत्या के बाद देशभर में विरोध और राजनीति तेज हो गई है। मृतक ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक सुसाइड नोट साझा किया था, जिसमें उसने RSS के एक पदाधिकारी पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था।
इस घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मृतक का सुसाइड नोट: “RSS से नफरत करता हूं”

मृतक ने अपने नोट में लिखा—

“मैं किसी से नाराज नहीं हूं, सिवाय एक व्यक्ति और संगठन RSS के।
उसी ने मेरे पिता और मुझे जोड़ने की कोशिश की, लेकिन वहीं मुझे जिंदगीभर का घाव मिला।”

युवक ने आगे लिखा कि उसे OCD (Obsessive Compulsive Disorder) इसलिए हुआ क्योंकि जब वह 3-4 साल का था, तब RSS से जुड़ा एक व्यक्ति लगातार उसका यौन शोषण करता था।
उसने लिखा कि “वह व्यक्ति हमारे घर के पास रहता था और RSS का NM था, जिसने लगातार मेरा उत्पीड़न किया।”

“RSS के अलावा किसी संगठन से इतनी नफरत नहीं”

मृतक ने आगे लिखा कि RSS के अलावा किसी संगठन से उसे कोई नाराजगी नहीं है।

“वे बिना किसी कारण के डंडों से पीटते थे। मैंने कई सालों तक उनके साथ काम किया, कई बच्चों को जानता हूं जिनके साथ RSS कैंप में ऐसा ही हुआ।”

युवक ने अपने पत्र में यह भी कहा कि वह RSS के किसी सदस्य से कभी दोस्ती नहीं करेगा, चाहे वे परिवार के सदस्य ही क्यों न हों।
उसने लिखा, “मैं चाहता हूं कि जो बच्चे अभी RSS से जुड़े हैं, वे जल्द से जल्द इससे दूर हो जाएं ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।”

देहरादून में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, RSS कार्यालय का घेराव

केरल की इस घटना के विरोध में देहरादून में यूथ कांग्रेस ने RSS कार्यालय का घेराव किया।
तिलक रोड स्थित कार्यालय पर सैकड़ों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और RSS के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश महासचिव सौरभ ममगाई ने किया।

सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस ने बिंदल चौक के पास बैरिकेडिंग लगाई और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई।

यूथ कांग्रेस की मांग: “निष्पक्ष जांच और कार्रवाई हो”

यूथ कांग्रेस महासचिव सौरभ ममगाई ने कहा कि

“RSS जैसे अनुशासन वाले संगठन में छोटे बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ, जो बेहद शर्मनाक है। सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषी पाए जाने पर संगठन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।”

उनका कहना था कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

RSS ने कहा—यह साजिश है, संगठन को बदनाम करने की कोशिश

वहीं, RSS से जुड़े नेताओं ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और राजनीतिक साजिश बताया है।
VHP के वरिष्ठ नेता सुभाष जोशी ने कहा—

“RSS एक देशभक्त संगठन है जो समाज सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए काम करता है। कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए संगठन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि RSS और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ चलाया जा रहा यह प्रचार अभियान दुखद और भ्रामक है।

केरल से देहरादून तक गूंजा मामला

यह मामला अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
विपक्षी दलों, मानवाधिकार संगठनों और युवाओं ने केंद्र सरकार से सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न केवल संगठन की साख, बल्कि युवाओं के बीच उसकी छवि पर भी असर डाल सकता है।

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