बड़ी खबर: बड़े नेता ने महिला वकील को किया बेहोश, फिर रेप.. उसके बाद की दरिंदगी की हदें पार!

जयपुर। राजधानी जयपुर में एक 39 वर्षीय महिला वकील ने आरोप लगाया है कि एक राजनीतिक पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े स्थानीय नेता ने उसे बहला-फुसला कर, नशीला पदार्थ देकर और शादी का दबाव बनाकर बार-बार देहशोषित किया तथा लाखों रुपये ऐंठे। पीड़िता ने बजाज नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है और पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

काम के बहाने बुलाकर नशीला पदार्थ पिलाया

शिकायत में पीड़िता ने बताया कि करीब एक साल पहले काम के बहाने आरोपी ने उसे अपने फ्लैट पर बुलाया। वहाँ चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाने का आरोप है। बेहोशी की हालत में उसके साथ बलात्कार किया गया, जबकि होश आने पर आरोपी ने उसे दबाव में रखकर कहा कि वह अपने पति से तलाक लेकर उससे शादी कर ले। पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपी बार-बार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करता रहा।

धर्मांतरण और ब्लैंक डॉक्यूमेंट का दावा; नाम और बेटे का धर्म परिवर्तन

शिकायत में आगे आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता से ब्लैंक (खाली) कागजात पर साइन करवा लिये और धर्म परिवर्तन संबंधी कागजात तैयार करवा कर उसका नाम और सन्तान का नाम बदलवा दिया। पीड़िता का यह भी बताना है कि आरोपी ने उसे और उसके परिवार को बदनाम करने तथा करियर बर्बाद करने की धमकी दी। आरोपी ने कथित रूप से लाखों रुपये भी ऐंठे। पीड़िता ने यह भी कहा कि गर्भावस्था के दौरान भी आरोपियों ने उसे दबाव में रखा और जब गर्भपात हुआ तो उस पर भी दबाव जारी रहा।

बेटे की जान को भी खतरा

पीड़िता ने अगस्त 2025 में आरोपी के परिवार से मिलकर मामले सुलझाने की कोशिश की; आरोप है कि उस दौरान आरोपी के रिस्तेदारों ने भी जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार आरोपी ने एक बार कहा कि “तेरा बेटा काटकर फेंक दूँगा” — ऐसे कथित धमकियों के चलते पीड़िता डर गई और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। बजाज नगर थाने ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

बजाज नगर थाने की पुलिस ने पुष्टि की है कि शिकायत मिल चुकी है और FIR दर्ज कर आवश्यक प्रक्रियाएँ आरंभ कर दी गई हैं। प्रतिवादी की पहचान और गिरफ्तारी-तलाश की जानकारी अब तक प्रासंगिक अधिकारियों के हवाले है। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है — फोन रिकार्ड, बैंक ट्रांजैक्शन, डॉक्यूमेंट और चिकित्सीय रिपोर्ट जैसी बातों की पड़ताल की जाएगी।

नोट: आरोप-प्रत्यारोप की सत्यता जांच के बाद ही स्थापित होगी; कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों को दोषी ठहराए जाने तक निर्दोष माना जाता है।

बलात्कार, वित्तीय व शारीरिक शोषण, जबरन धर्मांतरण

महिला वकील द्वारा लगाए गए आरोपों में कई गंभीर पहलू हैं — बलात्कार, वित्तीय व शारीरिक शोषण, जबरन धर्मांतरण का प्रयास, ब्लैकमेल और धमकियाँ। ऐसी रिपोर्टें सामाजिक और राजनीतिक संवेदनशीलता का विषय बन जाती हैं और इनमें पुलिस-अन्वेषण, फॉरेंसिक जांच तथा न्यायिक निगरानी की भूमिका अहम हो जाती है।

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