बड़ी खबर: विसर्जन में 12 युवकों के डूबने का वीडियो सामने आया, BJP मंत्री-सांसद को भीड़ ने घेरा, पोस्टर पर कालिख पोती!

आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गुरुवार दोपहर बड़े हादसे में 13 युवक नदी के तेज बहाव में बचाने/विसर्जन करते समय डूब गए। अब तक 5 शव निकाले जा चुके हैं, सात युवक 24 घंटे बीतने के बाद भी लापता हैं और एक युवक को गंभीर हालत में बचाया गया है। इलाके में प्रशासन और सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती के बीच गुस्साए ग्रामीणों ने भाजपा सांसद को घेरकर विरोध भी जताया।
घटना कहाँ और कब हुई — विसर्जन के दौरान तेज बहाव में ऐसा हुआ
हादसा खेरागढ़ के पास उंटगन नदी में गुरुवार लगभग ढाई बजे हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार महिलाएँ किनारे रहीं और युवा प्रतिमा लेकर नदी में उतरे थे। अचानक नदी के तेज बहाव के कारण करीब 13 युवक बहते हुए दूर निकल गए और कई को बचाना मुश्किल हो गया। वहीँ मौके पर मौजूदों ने चीख-पुकार मचाई और रेस्क्यू प्रारम्भ हुआ।
अभी तक की बरामदगी और बचाव की स्थिति
रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद अब तक 5 शव बरामद किए हैं। एक युवक भोला को ज़िंदा निकाला गया ताकि उसका इलाज किया जा सके — उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सात युवक अभी भी लापता हैं; सभी लापता युवक कुसियापुर गांव के बताए जा रहे हैं। मृतकों में हरेश (20) और गगन (17) भाई भी शामिल हैं।
बड़े बलों की तैनाती — NDRF, पैरा यूनिट व स्थानीय टीमें रेस्क्यू में लगीं
लापता युवकों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी, पीएसी व स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ सेना की 411 पैरा फील्ड कम्पनी (50 पैरा ब्रिगेड) को भी बचाव कार्य में लगाया गया। पुलिस आयुक्त आगरा व जिलाधिकारी现场 पर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं; टीमों ने बोट और स्टीमर का प्रयोग कर रेस्क्यू तेज किया।
ग्रामीणों की प्रतिक्रियाएँ और सांसद के खिलाफ नाराबाजी
जब पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, भाजपा नेता राजवीर सिंह (राजू भैया) व सांसद राजकुमार चाहर मौके पर पहुंचे तो ग्रामीण भड़क गए। भीड़ ने सांसद को घेर लिया और कुछ लोग सांसद के खिलाफ नारे लगा कर रोष जताते दिखे; शहर में कुछ पोस्टरों पर कालिख भी पोती गई। ग्रामीणों का आरोप रेस्क्यू में देरी व प्रबंधन में कमज़ोरी पर था; प्रशासन ने समझा-बुझाकर स्थिति नियंत्रित की।
प्रशासनिक कदम — स्कूल बंद, आश्वासन और जांच जारी
डीएम ने हादसे के बाद खेरागढ़ ब्लॉक के सभी स्कूल शुक्रवार को बंद रखने का आदेश दिया। पुलिस व प्रशासन ने रोड बंद कर प्रदर्शनकारियों को शांति से हटवाया और प्रभावित परिवारों को सांत्वना दी। डीसीपी व क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि विसर्जन स्थल पर आर्टिफिशियल तालाब बनवाया गया था, पर पीड़ितों का दावा है कि वे कैलापुर जा रहे थे और रास्ते में लौटकर वहीं विसर्जन करने लगे — यह सिलसिला भी जांच का विषय है।
तकनीकी कारण और आगे की कार्रवाई
एडीशनल सीपी राम बदन सिंह व डीसीपी अतुल शर्मा के अनुसार घटनास्थल पर नदी का बहाव तेज और आकस्मिक था; फिलहाल टीमें सीसीटीवी, चश्मदीदों के बयान और रेस्क्यू लॉगरों के रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। रेस्क्यू जारी है और अधिकारियों ने कहा है कि हर संभव साधन लगा कर लापता युवकों की तलाश की जाएगी।



