बड़ी खबर: क्या आने वाला है सपा का गोल्डन पीरियड? एक और समाजवादी नेता का जेल से बाहर आने का रास्ता साफ!

समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मामले में उन्हें जमानत प्रदान कर दी है। इस फैसले के साथ ही दो साल से जेल में बंद इरफान सोलंकी की रिहाई का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
हाईकोर्ट का फैसला : जमानत याचिका स्वीकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने इरफान सोलंकी की जमानत याचिका मंजूर की। अदालत ने यह मानते हुए जमानत दी कि अन्य सह-आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है। अदालत ने उनके भाई रिजवान और एक अन्य आरोपी, जिन्हें ‘इजराइल आटे वाला’ कहा जाता है, को भी जमानत प्रदान की।
दो साल से जेल में बंद थे इरफान सोलंकी
सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई पिछले 24 महीनों से जेल में बंद थे। गुरुवार को अदालत में फैसला सुनाए जाने के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी पत्नी और परिजन अदालत में मौजूद थे।
मामला : गैंगस्टर एक्ट और आगजनी केस
दिसंबर 2022 में कानपुर के जाजमऊ थाने में इरफान सोलंकी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। अभियोग पत्र में उन्हें गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया गया। इससे पहले इरफान पर कानपुर आगजनी केस सहित कई मामले दर्ज हुए थे। इन्हीं मामलों के आधार पर उन्हें जेल भेजा गया था।
अदालत का तर्क : न्यायिक विवेक आवश्यक
हाईकोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी को सिर्फ इस आधार पर जमानत से वंचित नहीं किया जा सकता कि उसके खिलाफ अन्य केस दर्ज हैं। अदालत ने इस मामले में समानता के सिद्धांत (parity principle) को लागू करते हुए इरफान को भी राहत दी।
सीमाएँ : सजा पर रोक नहीं
हालांकि अदालत ने इरफान सोलंकी को जमानत दी है, लेकिन उनके खिलाफ दी गई सजा पर रोक (Stay on conviction) नहीं लगाई गई। यानी अन्य मुकदमों और सजाओं का सामना उन्हें आगे भी करना होगा। कई आपराधिक मामले अभी भी लंबित हैं, जिनमें उन्हें आगे कानूनी लड़ाई लड़नी होगी।
कौन हैं इरफान सोलंकी?
इरफान सोलंकी सपा के दिग्गज नेताओं में गिने जाते हैं। वे कानपुर कैंट से विधायक रह चुके हैं और अपने क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखते हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों से उन पर लगातार विवाद और आपराधिक मुकदमों का साया बना हुआ है।



