बड़ी खबर: बदल गई EVM मशीन, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला.. बिहार चुनाव से लागू होंगे नए नियम!

नई दिल्ली/पटना: चुनाव आयोग ने मतदाता सुविधा और चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब EVM बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के रंगीन फोटो, स्पष्ट नंबरिंग और बड़े फॉन्ट में नाम दिखाई देंगे। इस बदलाव की शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव से होगी। चुनाव आयोग ने इस संबंध में एक नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें मतदान प्रक्रिया को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद बनाने के लिए कई बदलाव किए गए हैं।
मतदाता सुविधा के लिए नए सुधार
चुनाव आयोग ने बताया कि यह बदलाव उन 28 सुधारों का हिस्सा है जिन्हें पिछले छह महीनों में लागू किया गया है। इन सुधारों का उद्देश्य मतदाता को वोट देने में सुविधा देना, गलत मतदान की संभावना कम करना और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है। बैलेट पेपर में अब सभी उम्मीदवारों के नाम, चुनाव चिह्न और फोटो बड़े और स्पष्ट रूप में छपेंगे ताकि हर वर्ग का मतदाता आसानी से अपना पसंदीदा प्रत्याशी पहचान सके।
फोटो से मतदाता की पहचान होगी आसान
अब तक बैलेट पेपर पर केवल नाम और चुनाव चिन्ह दिए जाते थे, जिससे कई बार मतदाता भ्रमित हो जाते थे। नए बदलाव में उम्मीदवारों की रंगीन फोटो भी शामिल होगी, जिससे वोटर आसानी से प्रत्याशी को पहचान सके। आयोग का कहना है कि यह बदलाव विशेष रूप से उन मतदाताओं के लिए मददगार होगा जिन्हें पढ़ने या समझने में दिक्कत होती है।
फॉन्ट साइज और नंबरिंग में बदलाव
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों और नोटा का क्रमांक अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप (1, 2, 3…) में छापा जाएगा। पहचान में आसानी के लिए फॉन्ट साइज 30 और बोल्ड रखा जाएगा। सभी नाम एक ही फॉन्ट प्रकार और बड़े अक्षरों में छपेंगे। इसके अलावा बैलेट पेपर गुलाबी रंग के विशेष RGB वाले 70 GSM पेपर पर छपेंगे, जिससे दस्तावेज़ साफ-सुथरा और पठनीय रहेगा।
नियमों में संशोधन
चुनाव आयोग ने बताया कि यह बदलाव निर्वाचन नियम, 1961 के नियम 49B के तहत किया गया है। नियमों में संशोधन कर बैलेट पेपर की डिजाइन और प्रिंटिंग संबंधी दिशानिर्देशों को अपडेट किया गया है। इससे बैलेट पेपर की स्पष्टता और पठनीयता में सुधार होगा। आयोग ने कहा कि यह पहल चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बढ़ाने का एक बड़ा कदम है।
बिहार विधानसभा चुनाव से लागू होगा बदलाव
चुनाव आयोग ने पुष्टि की है कि यह नई व्यवस्था सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में लागू की जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रिंटिंग और तकनीकी व्यवस्था कर ली गई है। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस बदलाव को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ लागू किया जाए।



