बड़ी खबर: CM के Hot Air Balloon में लगी आग, घटना कैमरे में कैद.. Video में देखें कैसे बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री!

मंदसौर, 14 सितंबर 2025 – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को मंदसौर में एक बड़ी दुर्घटना का शिकार होते-होते बच गए। गांधी सागर अभयारण्य में हॉट एयर बैलून गतिविधि के दौरान बैलून में आग लग गई। इस घटना के समय मुख्यमंत्री बैलून के अंदर मौजूद थे, लेकिन उनकी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रशासन ने आग पर काबू पा लिया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
गांधी सागर अभयारण्य में हादसा
मंदसौर स्थित गांधी सागर अभयारण्य हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री मोहन यादव भी यहाँ हॉट एयर बैलून की गतिविधि में भाग लेने पहुँचे थे। जैसे ही वे बैलून में सवार हुए, उसके निचले हिस्से में अचानक आग लग गई। यह देखकर वहां मौजूद लोग हड़बड़ा गए और तुरंत सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को बाहर निकाला।
सुरक्षाकर्मियों की तत्परता, बड़ा हादसा टला
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। आग लगते ही सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को बैलून से बाहर निकाला और स्थानीय प्रशासन की मदद से आग पर काबू पाया। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।
पर्यटकों में मचा हड़कंप, प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना के समय अभयारण्य में बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। अचानक लगी आग के बाद वहां अफरातफरी मच गई। पर्यटक डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। लेकिन प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए शांति स्थापित की और सभी को सुरक्षित जगहों पर ले जाया।
मुख्यमंत्री ने दिया बयान, सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील
घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा,
“भगवान का शुक्र है कि सभी सुरक्षित हैं। सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाकर बड़ा हादसा टाल दिया। मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि ऐसी गतिविधियों में सुरक्षा नियमों का पालन करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।”
तकनीकी खराबी की जांच शुरू, प्रशासन सतर्क
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है। प्रशासन ने घटना की गहराई से जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण और सावधानियों की समीक्षा की जाएगी।



