बड़ी खबर: डिप्टी-CM के घर के बाहर महिला ने पिया फिनाइल, भाजपा-कांग्रेस सबको लपेटा.. वजह आपके होश उड़ा देगी!

रायपुर में दिवंगत पंचायत शिक्षाकर्मी अनुकंपा संघ की महिलाएं और परिजन पिछले 2 दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को महिलाएं अपने बच्चों के साथ डिप्टी सीएम और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के घर के बाहर धरने पर बैठ गईं। मंत्री के घर पर न होने के बावजूद महिलाएं वहीं डटी रहीं।
अश्वनी सोनवानी ने उठाया खतरनाक कदम
इस दौरान जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली और संघ की जिला अध्यक्ष अश्वनी सोनवानी ने अचानक फिनाइल पी लिया। घटना दोपहर 2 बजे की है। महिला को तुरंत मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को हटाने की कोशिश की, तो एक महिला ने कहा— “जबर्दस्ती करोगे तो फिनाइल पी लेंगे।” इसके बाद थैले से बोतल निकालकर अश्वनी ने पीने की कोशिश की।
चुनावी वादे भूली सरकार
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भाजपा सरकार ने चुनाव के दौरान अनुकंपा नियुक्ति का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया। कांग्रेस सरकार के समय भी उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया था। महिलाएं और परिजन 307 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
पुरानी सरकारों पर भी उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा के पूर्व शासनकाल से ही यह आंदोलन जारी है। उस समय भी केवल आश्वासन मिला। कांग्रेस सरकार में भी यही स्थिति रही। तब महिलाओं ने सामूहिक मुंडन और अर्थी सजाकर विरोध जताया था। लेकिन आज भी वे न्याय की आस में दर-दर भटक रही हैं।
बेटी की पीड़ा – “पापा की मौत के बाद घर टूटा”
फिनाइल पीने वाली महिला की बेटी ने कहा— “मैं और मेरा छोटा भाई मां के साथ दो दिन से रायपुर में हैं। 2017 में पापा की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही घर में आर्थिक समस्या बनी हुई है।” इस बयान ने पूरे मामले को और भी भावुक और गंभीर बना दिया है।
कांग्रेस का हमला – “राम भरोसे चल रही सरकार”
कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा— “बीजेपी सरकार की असंवेदनशीलता के कारण यह हालात बने हैं। महिलाओं ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मांगे पूरी न होने पर वे कठोर कदम उठाएंगी। सरकार का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल साबित हुआ है।”
बीजेपी की सफाई – “लोगों को भड़काया जा रहा है”
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि घटना दुर्भाग्यजनक है। इसके पीछे किसका हाथ है, किसने महिलाओं को उकसाया, इसकी जांच जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि यूनियन की अध्यक्ष और पदाधिकारियों से बैठक हो चुकी है और आने वाले समय में रोजगार को लेकर सहमति बनाई जाएगी।



