युवक संग इस हालत में पकड़ी गई दो बच्चों की मां, पति ने धोई मांग और फिर.. वीडियो हुआ वायरल, देखें..

सहरसा ज़िले के बैजनाथपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों और परिजनों ने एक विवाहित महिला और उसके प्रेमी को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ने के बाद सार्वजनिक रूप से उनकी शादी करवा दी। यह घटना गुरुवार रात की है और इसका वीडियो शुक्रवार को सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
प्रेम संबंध की शुरुआत कैसे हुई?
घटना में शामिल महिला की पहचान आरती कुमारी (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बैजनाथपुर निवासी राकेश कुमार मेहता की पत्नी है। आरती के दो बच्चे हैं – एक 7 साल का और दूसरा 9 साल का। आरती का पति शहर के लॉर्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज के सामने चाय की दुकान चलाता है।
वहीं, युवक की पहचान झारखंड के रांची निवासी बाबुल उर्फ वरुण मुखर्जी के रूप में हुई है, जो आरती के पति की दुकान के सामने स्थित कैंटीन में काम करता था। इसी दौरान दोनों की जान-पहचान हुई, जो बाद में प्रेम-प्रसंग में बदल गई।
रात 9 बजे बुलाया बाबुल को, फिर ग्रामीणों ने पकड़ा
आरती कुमारी ने बताया कि बीते आठ दिनों से उसका अपने पति से झगड़ा चल रहा था और वह भूखी रह रही थी। गुरुवार रात को तेज भूख लगने पर उसने बाबुल को फोन किया, जो कैंटीन से खाना लेकर पहुंचा। तभी ससुर, भसुर और अन्य ग्रामीणों ने दोनों को रंगे हाथों आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया।
हाथ-पैर बांधकर पीटा, फिर जबरन करवाई शादी
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक के हाथ-पैर बांधे गए हैं और उसे अर्धनग्न कर बेरहमी से पीटा गया। इसके बाद आरती के पहले पति ने उसकी मांग से सिंदूर धो दिया और बाबुल को सिंदूर देकर पांच बार आरती की मांग भरवाई। ग्रामीणों की मौजूदगी में जबरन शादी करवाई गई। महिलाएं पारंपरिक गीत गाते हुए शादी की रस्मों में शामिल होती दिखीं।
इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती, शिकायत अब तक नहीं
पिटाई के बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। बैजनाथपुर थाना प्रभारी चंद्रदीप प्रभाकर ने बताया कि महिला और युवक दोनों बालिग हैं। अब तक किसी ने भी कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या यह सामाजिक न्याय या निजी प्रताड़ना?
यह घटना सिर्फ एक प्रेम संबंध का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव, मान-सम्मान और ग्रामीण पंचायत की न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों में तीखी प्रतिक्रिया है – कुछ लोग इसे “ग्राम्य न्याय” बता रहे हैं तो कुछ इसे “भीड़ का अत्याचार” कह रहे हैं।



