योगी-शाह से नियुक्ति पाए सिपाही ने 5वें दिन क्यों दिया इस्तीफा? ट्रेनिंग शुरू होते ही लिया फैसला, वजह होश उड़ा देगी

उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही पद पर नियुक्त एक युवक ने ट्रेनिंग शुरू होते ही नौकरी से इस्तीफा देने की इच्छा जताकर सबको चौंका दिया। यह मामला देवरिया जिले का है, जहां नियुक्त सिपाही ट्रेनिंग के केवल पांचवें दिन ही अपने पिता के साथ एसपी कार्यालय पहुंच गया और इस्तीफे की बात कही। युवक की दलीलें सुनकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधिकारी भी हैरान रह गए।
सीएम और गृहमंत्री की मौजूदगी में हुआ था नियुक्ति पत्र का वितरण
उत्तर प्रदेश में 15 जून 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में नवचयनित सिपाहियों को नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। इसके बाद पूरे प्रदेश में अलग-अलग जिलों में इन सिपाहियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई। देवरिया पुलिस लाइन में 17 जून से जेटीसी (Joint Training Centre) प्रशिक्षण का आरंभ हुआ, जिसमें अंबेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, गाजीपुर और सुल्तानपुर जिलों के रिक्रूट सिपाही शामिल हैं।
गाजीपुर से आया सिपाही, पांचवे दिन ही हुआ नौकरी से विमुख
इसी प्रशिक्षण केंद्र में गाजीपुर जिले से चयनित एक युवक भी सम्मिलित हुआ था। ट्रेनिंग के केवल पांचवें दिन, सोमवार की सुबह वह अपने पिता के साथ देवरिया एसपी कार्यालय पहुंच गया। वहां उसने एसपी से मुलाकात की इच्छा जताई, लेकिन पहले एसपी के पीआरओ डॉ. महेंद्र कुमार से उसकी बातचीत हुई। पीआरओ ने मिलने का कारण पूछा तो युवक ने साफ कहा कि वह नौकरी छोड़ना चाहता है।
‘चार बजे उठना होता है, बहुत मुश्किल है’: सिपाही की भावनात्मक दलीलें
सिपाही ने कहा कि ट्रेनिंग के लिए उसे रोज सुबह चार बजे उठना पड़ता है, जिससे उसे बहुत परेशानी हो रही है। उसने बताया कि वह पढ़ाई में होनहार है और सामान्य रूप से सुबह आठ बजे तक सोकर उठता है, फिर पूरे दिन सात-आठ घंटे तक पढ़ाई करता है। वह बीएड (B.Ed) और टीईटी (TET) भी पास कर चुका है। उसका सपना एक शिक्षक या अधिकारी बनने का है, न कि एक सिपाही की ड्यूटी निभाने का।
एक भाई पहले से ही देवरिया पुलिस में तैनात
युवक के पिता ने भी बेटे की बातों का समर्थन किया और कहा कि वह शिक्षा के क्षेत्र में जाना चाहता है। उन्होंने बताया कि उनका एक और बेटा देवरिया जिले के श्रीरामपुर थाना क्षेत्र में पहले से ही पुलिस विभाग में कार्यरत है। इसके बावजूद इस बेटे की रुचि बिल्कुल अलग है और वह अपने करियर को लेकर गंभीर है।
पीआरओ ने किया समझाने का प्रयास
युवक की बातें सुनकर पीआरओ डॉ. महेंद्र कुमार भी अचंभित रह गए लेकिन उन्होंने सिपाही और उसके पिता को समझाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के शुरूआती दिन कठिन होते हैं, लेकिन समय के साथ सब सामान्य हो जाता है। आखिरकार, समझाने-बुझाने के बाद युवक और उसके पिता बिना एसपी से मिले ही घर लौट गए।



